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हरदा: पशुपालकों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 20 अगस्त से दूध की अनिश्चितकालीन हड़ताल

हरदा। जिले के पशुपालकों ने दूध व्यवसाय से जुड़ी 5 प्रमुख मांगों को लेकर जिला प्रशासन को चेतावनी दी है। सोमवार को पशुपालकों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और कहा कि अगर 20 अगस्त तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो 21 अगस्त से दूध की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

क्या हैं पशुपालकों की 5 प्रमुख मांगें

दूध के दाम बढ़ाए जाएं

पशुपालकों का कहना है कि गांव में दूध का समर्थन मूल्य 50 रुपये प्रति लीटर है, जबकि उसे 70 रुपये प्रति लीटर किया जाए।

अन्य राज्यों के बराबर दाम

मध्य प्रदेश में दूध पर अन्य राज्यों की तुलना में 5 रुपये प्रति लीटर बोनस दिया जाए।

गुणवत्ता के अनुसार उचित लागत

फैट और एसएनएफ के आधार पर दूध की गुणवत्ता के अनुसार लागत के अनुरूप उचित मूल्य तय किया जाए।

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पशु आहार महंगाई पर नियंत्रण

बढ़ती महंगाई से राहत के लिए पशु आहार और भूसे पर सरकारी सब्सिडी दी जाए।

दूध खराब होने से बचाव

दूध को खराब होने से बचाने के लिए तहसील स्तर पर सहकारी दूध शीतलीकरण केंद्र स्थापित किए जाएं।

आर्थिक संकट से जूझ रहे पशुपालक

पशुपालकों ने बताया कि लगातार बढ़ रही लागत के कारण उनका व्यवसाय घाटे में चल रहा है। पशु आहार, भूसा, खली, दाना, चूरी और पशु चिकित्सा का खर्च बहुत बढ़ गया है। लेकिन दूध खरीद का भाव बेहद कम है। इससे पशुपालक आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

ज्ञापन सौंपने के समय बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद थे।  

प्रशासन का रुख

डिप्टी कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि पशुपालकों की मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान के प्रयास किए जाएंगे।