jhankar
ब्रेकिंग
हरदा विधायक डॉ. दोगने ने पोखरनी, सारसूद और भवरदी में लाखों के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिप... हरदा : चेक बाउंस मामले में अभियुक्त निशांत पुनासे को 01 वर्ष का कारावास, 17.32 लाख रूपये प्रतिकर चुक... मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 5 प्रकरण दर्ज मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में नवाचारों एवं योजनाओं का अवलोकन स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस ने हरदा जिले की स्वास्थ्य संस्थाओ का किया औचक निरीक्षण छात्राओं को गुड टच-बैड टच और बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय चारूवा हरदा में तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान ग्राम मांदला में मुख्यमंत्री जन विश्वास संवाद शिविर आयोजित सऊदी पर हूतियों का बड़ा हमला, लाल सागर के रणनीतिक बंदरगाह मोचा पर किया कब्जा

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, पहले पूजा और फिर नमाज के बाद पुन: हो सकेगी पूजा, समय तय

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू समाज दोपहर 12 बजे तक पूजा कर सकेगा। इसके बाद जुमे की नमाज होगी और शाम 4 बजे से पुनः हिंदू समाज को पूजा की अनुमति दी जाएगी। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि नमाज के बाद दोबारा पूजा पर कोई रोक नहीं होगी।

दरअसल, बसंत पंचमी के दिन पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति देने की मांग को लेकर हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर गुरुवार 22 जनवरी को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन ने दलील दी कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ रहे हैं, ऐसे में हिंदू समाज को दिनभर पूजा की अनुमति दी जाए और जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए। हालांकि कोर्ट ने दोनों समुदायों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए समय विभाजन का रास्ता चुना।

- Install Android App -

सुरक्षा व्यवस्था की गई सख्त
भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बनती रही है। वर्ष 2006, 2013 और 2016 में भी जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी थी, तब तनाव के हालात बने थे। इस बार भी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 24 घंटे पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। वॉच टावर और अतिरिक्त चौकियां बनाई गई हैं। प्रवेश के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे होकर ही श्रद्धालु परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगा।

ड्रोन कैमरे रखेंगे भीड़ पर नजर
धार जिले में करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया है, जिसमें से 50 प्रतिशत फोर्स पहले ही पहुंच चुका है। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग सिंह के अनुसार, सीसीटीवी, ड्रोन कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए भीड़ पर नजर रखी जाएगी। थ्रीडी मैपिंग, बाइक और मोबाइल पार्टियों के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी होगी। भोजशाला के 300 मीटर दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भारी वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है और शहर के भीतर वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से की गई हैं, ताकि दोनों समुदाय अपने-अपने धार्मिक कार्य शांतिपूर्ण ढंग से कर सकें।

बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले के बाद भोजशाला में पूजा व नमाज की उचित व्यवस्था की जाएगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। ताकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो और बसंत पंचमी पर पूजा-अर्चना के साथ ही जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की जा सके।