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जबलपुर : गंदगी के बीच बिछी पाइपलाइन बदलने में नगर निगम की सुस्ती, महामारी फैलने का खतरा

जबलपुर। एक तरफ नगर निगम नालों से गुजर रही जलापूर्ति लाइन बदलने की कवायद कर रहा है, वहीं इस कार्य में ढिलाई भी बरती जाने लगी है। जबकि शहर के अनेक क्षेत्रों में अब भी नागरिकों के घरों तक पहुंचने वाले जलापूर्ति लाइन नाला-नालियों से होकर गुजर रही है।

नगर निगम ये दावा भी कर रहा है कि नगर निगम की लैब में कराई जा रही पानी की जांच में पानी पीने योग्य है। जबकि हकीकत ये है कि अब कुछ क्षेत्रों में अब भी नाला-नालियों से गुजर रही जलापूर्ति लाइनों से गंदा, मटमैला पानी आ रहा है। पानी पीने योग्य जरूर है परंतु लगातार सेवन से बीमारियों का भी अंदेशा है।

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एबीडी एरिया स्मार्ट सिटी भी नहीं अछूता
हाल ये है कि स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा स्मार्ट सिटी में शामिल किए गए एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलमेंट) भी अछूता नहीं है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने एडीबी एरिया में शामिल राइट टाउन, नेपियर टाउन और गोलबाजार क्षेत्र को स्मार्ट बनाने करोड़ों रुपये खर्च किए। भूमिगत नाली निर्माण सहित अन्य कार्य कराएं। बावजूद इसके एबीडी एरिया में शामिल इन क्षेत्रों में नालियां अब भी खुली हैं। जलापूर्ति लाइन नालियों से होकर गुजर ही हैं। गोलबाजार क्षेत्र में भी यही हाल है।

बदली नहीं गईं पाइपलाइन
अधिकांश क्षेत्रों में ये जलापूर्ति करने वाली वितरण लाइन की यही स्थिति है। वर्षों बाद भी पाइपलाइन बदलीं नहीं गईं हैं। नगर निगम भी शिकायत मिलने के बाद क्षेत्रों की पाइपलाइन बदल रहा है। जबकि शहर की 80 प्रतिशत जलवितरण लाइन लगातार नाली-नालियों के क्षारीय पानी, धूल, मिट्टी के संपर्क में रहने से खराब हो गई हैं। इनमें क्षरण होने लगा है।