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विधायक युवराज अभिजीत शाह के समर्थन में बोले : कुंवर सुमित नर्रे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव आदिवासी विभाग

भोपाल : विधायक युवराज अभिजीत शाह के समर्थन में बोले  कुंवर सुमित नर्रे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव आदिवासी विभाग। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि

जो लोग टिमरनी विधायक अभिजीत शाह पर आरोप लगा रहे हैं के वो आदिवासी विरोधी हे – उन्हें मैं बताना चाहता हु कि

उन्होंने अपने वीडियो में बहुत स्पष्ट कहा है कि मैं हरदा जिले में हरदा जिला प्रशासन द्वारा राजपूत समाज पर बहुत ही बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया था उसकी मैं निंदा करता हु और इसी बात पर हरदा जिला प्रशासन के विरोध में 21 दिसंबर का समर्थन दिया है न कि आरक्षण विरोधी मांगों पर

 

एक बार वीडियो पूरा सुने उन्होंने एक भी बार यह नहीं कहा कि मैं इन 21 मांगों का समर्थन करता हु)

 

उनके द्वारा काम तो बहुत किए गए पर आज बात आदिवासी विरोधी होने की हो रही है इस लिए केवल आदिवासी समाज के लिए उन्होंने क्या किया उस पर प्रकाश डालता हु।

उन्हें आदिवासी समाज विरोधी बोलने से पहले उनके द्वारा आदिवासी समाज के हितों में किए हुए कामों पर नजर डाले । 

 

1) अभिजीत शाह आदिवासी विरोधी डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद वन अभ्यारण बनाने का खुल्ला विरोध कर चुके है साथ ही उन्होंने वन विभाग को स्पष्ट कहा है कि जब तक वो विधायक है, तब तक सरकार ओर वन विभाग वह अभ्यारण नहीं बना सकता ,अपने आदिवासी समाज के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं वह डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद अभ्यारण नहीं बनने देंगे और अगर सरकार प्रयास करेगी तो सरकार को उनकी लाश से निकल के जाना होगा।

 

2)जब से देश आज़ाद हुआ तब से वंचित आदिवासी क्षेत्र के ग्राम जैसे रातामाटी, बिटिया, जूनापानी, लाखादेह, चुरनी, बापचा सिंघोड़ा, बंसीपुरा ) के लिए 19 में से 18 सड़के सिर्फ आदिवासी क्षेत्रों के लिए अभिजीत शाह जी ही लेकर आए है*

 

3) आदिवासी समाज के लोगों को बिजली समस्या से निजाद दिलाने के उद्देश्य से ही रहटगांव तहसील के चन्द्रखाल ग्राम में बिजली सबस्टेशन की मांग स्वीकृत करवाने वाले भी अभिजीत शाह जी है* 

 

4) उन्हीं के कार्यकाल में चन्द्रखाल में अस्पताल बनने जा रहा है जहां पर वो अपनी निधि से आदिवासी समाज के लिए एम्बुलेंस देने वाले है।

 

5) सिराली तहसील के ग्राम भीमपुरा सबस्टेशन के लिए लड़ने वाले भी अभिजीत शाह जी ही है जिस से सबसे अधिक फायदा भी आदिवासी समाज के गावों को ही होगा। 

 

6) राजाबरारी सब स्टेशन में अतिरिक्त प. टी.आर P.T.R, एवं क्षमता वृद्धि करवाने वाले भी अभिजीत शाह जी ही है।

 

7) कायदा क्षेत्र के आदिवासी किसान बिजली की समस्या से जूझ रहे है उनकी समस्या और दर्द को समझते हुए जल्द ही कायदा क्षेत्र के लिए राजाबरारी सब स्टेशन में एक और अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर (PTR) 2 माह के अंदर रखवाने जा रहे है*

 

)विधानसभा में मांग कर पूरी विधानसभा में 35 —40 साल पुराने हो गए बिजली के तारो को बदलाने वाले भी वही है … जिसका सबूत भी आपको आदिवासी वन क्षेत्र रहटगांव वन क्षेत्रों में दिख जाएगा*

 

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इस का फायदा भी कायदा के आस पास के किसानों को भी मिलेगा

9) अभिजीत शाह बोल चुके है कि आदिवासी विरोधी*

 

10) रहटगांव और सिराली मे नगद खाद वितरण केंद्र (DMO) उन्होंने छोटे किसानों के लिए ही चुनाव जीतने के बाद शुरू करवाया जिसमें हम आदिवासी किसान भी आते है

 

11)रहटगांव की मंडी 12 सालो से बंद पड़ी थी चुनाव जीतते ही उन्होंने चालू करवाई*

        सोच सिर्फ एक की मेरे जंगल से आने वाले आदिवासी किसानों को बहुत खर्च आ जाता है टिमरनी जाने पर

 

12) मालेगांव में 78 सालो से आदिवासी समाज के लोग पानी की समस्या से परेशान है उसे हल करवाने के लिए बोरपानी से पानी ले जाने वाले भी वही है (1.7 करोड़ की योजना स्वीकृत उन्होंने करवाई )*

 

13) बोबदा भी एक आदिवासी गांव है उस का बोथार माहौल मे मात्र 23 मकान है जिस में आदिवासी समाज के लोग जब से देश आजाद हुआ तब से बिजली की मांग कर रहे थे वह 23 मकानों के लिए 23 लाख की लगत से बिजली पहुंचने वाले भी अभिजीत शाह है*

 

14) अपनी तनख्वाह से 4 लाख रुपयों से बर्तन बाटने का कार्य (20 आदिवासी ग्रामों मे 20 – 20 हजार रूपयों के बर्तन)

 

*5) अपनी तनख्वाह से (1)खारी –मन्नासा के लिए 51 हजार

      *2)मालेगांव के आदिवासी समाज के लिए 1 लाख नगद*

      (3) बोरपानी से दिदमदा रोड 4 Km पर अपनी तनख्वाह से 3 लाख रुपयों से पत्थर बिनवा कर मुर्मीकरण का कार्य भी अभिजीत शाह जी ने किया )*

आदिवासियों को वन विभाग द्वारा प्रताड़ित करने पर सब से पहले वन विभाग से लड़ने हमारे विधायक जी ही जाते हैं और समाज के साथ खड़े रहते है।

 

मध्यप्रदेश में टिमरनी क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाने वाले

ऐसे सक्रिय विधायक को आदिवासी विरोधी बोलने का मे विरोध करता हु

 

इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करे ताकि कोई भी व्यक्ति हम आदिवासियों को इस सच्चे जनप्रतिनिधि के खिलाफ बरगला न सके।