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छतरपुर गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौतें, SDM सहित वेटनरी डॉक्टरों ने डाला डेरा

छतरपुर। प्रदेश की बड़ी गौशालाओं में गिनी जाने वाली छतरपुर की गौशाला में एक साथ बड़ी संख्या में गोवंश की मौत होने से हड़कंप मच गया है। लगभग 1 सप्ताह में करीब 3 दर्जन गायों की मौत होने से प्रशासन और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौत की सूचना मिलते ही तुरंत एसडीएम सहित वेटनरी डॉक्टर मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत
छतरपुर जिले की सबसे बड़ी बुंदेलखंड गौशाला नौगांव में स्थित है। यह गौशाला 84 एकड़ जमीन में फैली हुई है। प्रत्येक महीने लाखों रुपए खेती किसानी से आता है, लेकिन इस गौशाला में भूख और पौष्टिक आहार न मिलने के कारण लगातार गायों की मौत हो रही है। यहां एक हफ्ते में लगभग 3 दर्जन से अधिक गायों की मौत हुई है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर पार्थ जैसवाल से की थी, जिसके बाद गायों की मौत की जांच करने प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

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प्रतिदिन 2 गाय तोड़ रहीं दम
इसके अलावा बीते हफ्ते कुत्तों और सियार के हमले से कई गायों की मौत गौशाला में हुई थी। जब नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल टीम के साथ गौशाला पहुंचे तो हड़कंप मच गया। जांच टीम ने मौके पर जो देखा वह सबके रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा था। गौशाला के मैनेजर चन्दप्रकाश ने बताया कि “गौशाला के अंदर गायों के खाने की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रतिदिन 2 से 3 गायें मर रही है। गौशाला की 90 प्रतिशत जमीन आस-पास के गांवों के किसानों को पट्टे पर दी गई है। किसानों ने अपनी-अपनी जगह पर फैंसिंग कर रखी है। जिसके चलते गायों को भर पेट भोजन नहीं मिल रहा है। इसी कारण गायें दम तोड़ रही है।”

पोस्टमार्टम में मौत के कारणों की हुई पुष्टी
वहीं, एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने कहा कि “गौशाला में चार गायों की मौत हुई है। जिनका पोस्टमार्टम वेटनरी डॉक्टर ने किया है। कुछ गायें कमजोर थीं और एक के पेट मे पॉलीथिन मिली है। मरी हुई गायों को ठीक से दफन करने के निर्देश दिए गए हैं” वहीं, वेटनरी डॉक्टरों ने बताया कि इस गौशाला में बहुत सी गायें कमजोर है उन्हें पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा है।”