जेसीबी से शवों को कचरे में दबाने का आरोप, कुत्ते नोचते मिले शव; ग्रामीणों ने रोके कचरा वाहन
हरदा। शहर की सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर बुधवार को हरदा में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए। अजनाल नदी के किनारे कचरा डंप किए जाने वाले स्थान पर ग्रामीणों ने एक जेसीबी को मृत गौवंश के ऊपर कचरा डालकर ढंकते हुए पकड़ा। इसके बाद मौके पर निरीक्षण किया गया तो करीब एक दर्जन गौवंश के मृत शव पड़े मिले। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ मृत गौवंश के शवों को कुत्ते नोचकर खा रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया।
जेसीबी से मृत गौवंश को ढंकने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा डंपिंग स्थल पर मृत गौवंश के शवों को उचित तरीके से हटाने के बजाय जेसीबी की मदद से उनके ऊपर कचरा डालकर ढंका जा रहा था। बुधवार को ग्रामीणों ने ऐसी ही कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी को मौके पर रोक लिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने जब आसपास निरीक्षण किया तो वहां कई मृत गौवंश के शव पड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि शव खुले में पड़े रहने के कारण कुत्ते उन्हें नोच रहे थे। इससे मौके पर गंदगी के साथ-साथ दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है।
सड़क तक पहुंचा कचरा, राहगीर परेशान
ग्रामीणों के मुताबिक अजनाल नदी के किनारे लंबे समय से कचरा डंप किया जा रहा है। स्थिति यह है कि कचरे के ढेर सड़क तक पहुंच गए हैं। आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को दुर्गंध के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों सहित पैदल राहगीरों को करीब एक किलोमीटर तक मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ता है। कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
जनसुनवाई में शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय ग्रामीणों और वार्ड पार्षद का कहना है कि कचरा डंपिंग की समस्या को लेकर कई बार जिला जनसुनवाई में शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, हर बार समस्या के समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन मौके पर स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी।
लगातार बनी समस्या से नाराज वार्ड पार्षद ने अब त्यागपत्र देने तक की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों ने रोके कचरा वाहन
बुधवार को मृत गौवंश के शव मिलने की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कचरा वाहनों को वहां कचरा डालने से रोक दिया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की।
मामले की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार महेंद्र चौहान, नायब तहसीलदार तमखाने और थाना प्रभारी आर.एस. तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को समझने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर समस्या के स्थायी समाधान के संबंध में आश्वासन नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
अजनाल नदी के किनारे कचरा डंपिंग पर सवाल
ग्रामीणों ने अजनाल नदी के किनारे कचरा डंप किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नदी के समीप बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से आसपास के क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि कचरा डंपिंग के लिए उचित व्यवस्था की जाए और सड़क किनारे फैले कचरे को तत्काल हटाया जाए। साथ ही मृत गौवंश के शवों के निपटारे की भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
किसानों के रास्तों पर भी कचरे के ढेर लगाने का आरोप
इधर, कचरा डंपिंग स्थल से जुड़ी एक अन्य समस्या भी सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, वहां करीब 70 डिसमिल भूमि में कचरा डंप करने की बात कही जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा निर्धारित स्थान से बाहर भी फैल रहा है।
कुछ किसानों का आरोप है कि उनके खेतों तक आने-जाने वाले निजी रास्तों पर भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगा दिए गए हैं, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया है। किसानों का कहना है कि रास्ते पर कचरा जमा होने से उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
किसानों ने इस समस्या को लेकर भी कई बार शिकायत किए जाने की बात कही है। किसानों ने नगर पालिका के सीएमओ की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही किसानों के रास्तों को तत्काल कचरे से मुक्त कराने की मांग की गई है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
मृत गौवंश के शवों के खुले में पड़े होने, कचरे से दुर्गंध, सड़क तक कचरा पहुंचने और किसानों के रास्ते अवरुद्ध होने की शिकायतों को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी है।
अब पूरे मामले में जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, कचरा डंपिंग की व्यवस्था में क्या बदलाव किया जाता है और किसानों के रास्तों को कब तक साफ कराया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
इनका कहना है
“गौमाता को सम्मान के साथ मिट्टी में दफनाया जाएगा। किसानों के रास्ते पर जो कचरा है, उसे हटाकर रास्ता चालू कर दिया जाएगा। युवाओं और ग्रामीणों से चर्चा हुई है। उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।”
रोशन लाल बाथम
सीएमओ, नगर पालिका हरदा

