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कुक्षी में बालिकाओं के लिए बने शौचालय में पुरुषों के यूरिनल, 6 साल तक कोई कार्रवाई नहीं

धार। धार जिले के कुक्षी स्थित एक कन्या प्राथमिक विद्यालय में बालिकाओं के लिए बने शौचालय में पुरुषों के यूरिनल लगाए गए हैं। यह निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में 3.12 लाख रुपए की लागत से हुआ था, लेकिन पिछले छह वर्षों से शिक्षा विभाग के अधिकारी इस गंभीर त्रुटि पर कोई ध्यान नहीं दिया।

कुक्षी के सिनेमा चौराहे स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग ने यह शौचालय बनाया था। हैरानी की बात यह है कि शौचालय के प्रवेश द्वार पर ‘बालिका शौचालय’ का बोर्ड लगा है, जबकि अंदर पुरुषों के लिए यूरिनल पार्ट स्थापित किए गए हैं।

यह मामला तब सामने आया जब रविवार शाम एक जागरूक नागरिक ने शौचालय के अंदर के वीडियो बनाए। इस निर्माण त्रुटि और छह साल तक किसी भी अधिकारी का ध्यान न जाना, गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

बीआरसी देंगे जवाब

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कुक्षी के बीईओ राजेश सिन्हा ने बताया कि प्राथमिक शाला क्रमांक 1 और 2 एकीकृत हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य बीआरसी कार्यालय की ओर से चलाए जाते हैं और इस मामले में बीआरसी ही जवाब देंगे।

प्राथमिक शाला प्रधान ने नहीं दी जानकारी

इस संबंध में कुक्षी के बीआरसी सीताराम डावर ने बताया कि बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण 2020 में हुआ था, उस दौरान वे बीआरसी नहीं थे। उन्होंने इस निर्माण में निर्माण एजेंसी आरईएस की बड़ी गलती बताई। डावर ने यह भी कहा कि प्राथमिक शाला प्रधान राकेश सोनी द्वारा भी उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

उन्होंने बताया कि यह प्राथमिक शाला एकीकृत हो जाने के कारण अब प्राचार्य के अधीन आती है। फिलहाल, स्कूल के पीछे बनाए गए अतिरिक्त कक्ष के पास बालिकाओं के लिए शौचालय बनाया गया है।