विधायक ने कहा महिला और एक युवक ने उन्हें ब्लैकमेल कर ₹2 करोड़ रुपए मांगे पढिये ये सनसनी खबर…
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 धार। जिले की धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विधायक ने एक आदिवासी महिला और एक मुस्लिम युवक पर उन्हें ब्लैकमेल करने और ₹2 करोड़ की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस दौरान उन्होंने न केवल पुलिस-प्रशासन, बल्कि अपनी ही पार्टी के संगठन पर भी सवाल खड़े किए हैं।
मदद के बदले ब्लैकमेलिंग का आरोप
विधायक कालू सिंह ठाकुर का दावा है कि उन्होंने कुछ समय पहले एक आदिवासी महिला की मानवीय आधार पर मदद की थी। महिला अपने तीन बच्चों के साथ उनके कार्यालय आई थी, जिसके बाद विधायक ने उसे ठहरने की जगह दी और भोपाल में भी सहायता की।
विधायक का आरोप है कि अब वही महिला उन्हें दुष्कर्म (धारा 376) के झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही है। विधायक के अनुसार, महिला उनसे ₹2 करोड़ की मांग कर रही है। हालांकि, उनके द्वारा जारी प्रेस नोट में 50 लाख रुपये का जिक्र है, जिसे लेकर मीडिया के सवालों पर विधायक चुप्पी साध गए।
‘लव जिहाद’ और गिरोह का जिक्र
विधायक ने इस मामले में ‘लव जिहाद’ का एंगल भी जोड़ा है। उन्होंने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि एक मुस्लिम युवक ने महिला को अपने जाल में फंसाकर शादी की है और अब यह गिरोह मिलकर समाज के प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बना रहा है। उन्होंने पुलिस से इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन और संगठन पर बरसे विधायक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक कालू सिंह ठाकुर काफी गुस्से में नजर आए। उन्होंने जिला प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि कलेक्टर और एसपी सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं और उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
विधायक ने भावुक होते हुए कहा, “मैंने संगठन स्तर पर भी बात की, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली।” मीडिया से बात करते हुए वे इतने आक्रोशित हो गए कि उनके मुंह से अपशब्द भी निकल गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है।
विरोधाभासों के बीच पुलिस की चुप्पी
इस पूरे मामले में विधायक के बयानों में कुछ विरोधाभास भी दिखे। प्रेस नोट में राशि 50 लाख थी, जबकि कैमरे पर उन्होंने 2 करोड़ कहा। जब मीडिया ने इस अंतर पर सवाल किया, तो विधायक ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
दूसरी ओर, इस मामले पर धार एसपी मयंक अवस्थी ने फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने केवल इतना कहा कि वे मामले की जानकारी लेकर चर्चा करेंगे। कालू सिंह ठाकुर पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं, लेकिन अपनी ही सरकार के अधिकारियों और संगठन के खिलाफ उनके इस रुख ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।

