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अफगानिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच मुनीर ने की जिरगा सभा

इस्लामाबाद। विदेश यात्रा से लौटे पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने खैबर पख्तूनख्वा में जिरगा बुलाई। जिरगा यानी कबायली बुजुर्ग नेताओं की सभा। इस जिरगे में इस्लामी मौलानाओं और बुजुर्ग मुसलमानों की पंचायत बैठी। आर्मी लिबास में पहुंचे आसिम मुनीर ने मजहब के पाकिस्तानी ब्रांड की दुहाई दी। उन्होंने अफगानिस्तान के आरोपों को खारिज किया। पाकिस्तान में हो रहे हमलों के लिए एक बार फिर भारत समर्थित तत्वों को जिम्मेदार ठहराया।अपने करतूतों पर पर्दा डालने के लिए पाकिस्तान इसे फितना-अल-ख्वारिज और फितना अल हिन्दुस्तान का नाम देता है।

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आसिम मुनीर ने कहा कि काबुल के साथ संबंध सुधारने के प्रयासों के बावजूद अफगान धरती इन आतंकवादियों के लिए सुरक्षित शरणस्थली बनी हुई है। लेकिन उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि पाकिस्तानी सेना सीमाई इलाकों में अपने नागरिकों पर विमानों से हमला क्यों करती है। पिछले दिनों ऐसे हमले में दर्जनों बेगुनाह मारे गए। यह जिरगा पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव के बीच महत्वपूर्ण था। हाल के दिनों में सीमा पर घुसपैठ और आतंकी हमले बढ़े हैं। जिरगे के बाद मुनीर ने कबायली बुजुर्गों के साथ फोटो खिंचवाई।

वहीं पाकिस्तान की चुनौती स्वीकार करते हुए अफगानिस्तान के गृह मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने कहा कि हमारे सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। अन्यथा नतीजे विनाशकारी होंगे। उन्होंने अफगानी हौसले की दुहाई दी। साफ कहा कि अफगानिस्तान के पास लंबी दूरी की मिसाइलें या भारी हथियार नहीं हैं। फिर भी हमले का जवाब देने के लिए हम चट्टान की तरह डटे हैं।हक्कानी ने आगे कहा कि क्षेत्र की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। आपसी समझ का रास्ता खुला है। लेकिन आक्रमण हुआ तो हम दुनिया के बादशाहों से लड़ चुके हैं। क्षेत्र रक्षा हमारे लिए मुश्किल नहीं। कतर और तुर्की में पाकिस्तान के साथ बैठकों में साफ कह दिया गया कि उनकी आंतरिक समस्याओं को अफगानिस्तान से नहीं जोड़ा जाए। समस्या आपकी है। समाधान आपके पास है। इसे हमसे क्यों जोड़ते हैं? किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ देश हितों के लिए दूसरे के क्षेत्र का उल्लंघन करते हैं। अफगानों ने युद्ध में खुद को साबित किया है। सहनशीलता की परीक्षा ली तो प्रतिक्रिया विनाशकारी होगी। पाकिस्तान को अब पानी की चिंता सता रही है। तालिबान ने कुनार नदी पर बांध बनाने की तैयारी शुरू की है। इससे पाकिस्तान की पानी सप्लाई प्रभावित होगी। आशंका देखते हुए पाकिस्तान ने तालिबान को चेतावनी दी। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि तालिबान पाकिस्तान के जल अधिकारों की अनदेखी नहीं कर सकता। इस्लामाबाद के पास दबाव के हथियार मौजूद हैं। हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए आसिफ ने दोहराया कि जल अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।