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मासूमों की मौतों का रहस्य उजागर, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर विसरा रिपोर्ट में नया खुलासा

छिंदवाड़ा। साल 2025 में जहरीला कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौतें हुईं थी। इस मामले की विसरा रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई है कि बच्चों की मौत जहरीले केमिकल डाई एथिलीन ग्लाइकॉल की वजह से हुई है। इस मामले में पुलिस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सितंबर 2025 में कफ सिरफ से हुई बच्चों की मौतों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

‘डाई एथिलीन ग्लाइकॉल से खराब हुईं किडनी’

छिंदवाड़ा और बैतूल के बच्चों को मामूली सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद परासिया के सरकारी डॉक्टर के निजी क्लीनिक में इलाज कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टर ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बच्चों को पिलाने के लिए लिखा था। इस दवा के इस्तेमाल से बच्चों की लगातार मौतें हो रहीं थीं। जांच में पाया गया था कि सिरप में जरूरत से ज्यादा मात्रा में डाई एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया था। जिसके बाद मृतक बच्चों की विसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजी गई थी। परासिया के एसडीओपी और SIT प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि “बच्चों के आंतरिक अंगों में भी डाई एथिलीन ग्लाइकॉल दवा पाई गई है। जिसकी वजह से किडनी खराब हुईं थी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप में भी यह ज्यादा मात्रा में पाई गई है।”

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‘सप्लीमेंट्री चार्जशीट फिर से की जाएगी पेश’

एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया, “बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई है। इसमें पाया जाने वाला केमिकल खतरनाक था। इस आधार पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से पेश की जाएगी, जिसमें इन तथ्यों को शामिल कर उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जो इसमें शामिल हैं।”

11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की धीरे-धीरे किडनी खराब हो रही थीं। इसके चलते छिंदवाड़ा और बैतूल के कुल 24 बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। टीम ने कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन सहित कफ सिरप बच्चों को प्रिसक्राइब करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी, स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल, सभी आरोपी जेल में हैं।