मुंबई। बालीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर की फिल्म परम सुंदरी की पटकथा और प्रस्तुतिकरण में नया अंदाज है। यह एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को हँसी, रोमांस और भावनाओं का संतुलित मिश्रण देती है। परम सुंदरी कहानी परम (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की है, जो दिल्ली के एक अमीर व्यापारी (संजय कपूर) का बेटा है। कई स्टार्टअप्स में असफल होने के बाद उसे शेखर (अभिषेक बनर्जी) के डेटिंग ऐप में निवेश का मौका मिलता है। ऐप का उपयोग करते हुए परम की मुलाकात केरल के एक गाँव की सुंदरी (जान्हवी कपूर) से होती है। पिता द्वारा दिए गए समय सीमा में जीवनसाथी खोजने की चुनौती के चलते वह सुंदरी के होमस्टे में रहने लगता है। शुरुआत में अनबन होती है, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ता दोस्ती और फिर प्रेम में बदल जाता है।
हालाँकि कहानी का ढांचा पुराना है, लेकिन निर्देशक तुषार जलोटा ने पटकथा और प्रस्तुतिकरण में नया अंदाज दिया है। संवाद सरल और हास्यपूर्ण हैं, और इंटरवल के बाद आने वाला ट्विस्ट दर्शकों को चौंकाता है। फिल्म का निर्देशन तरोताज़ा है और इसमें गंभीर घटनाओं को भी हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया गया है। नाव दौड़ का दृश्य और चरमोत्कर्ष विशेष रूप से यादगार हैं। अभिनय की बात करें तो सिद्धार्थ मल्होत्रा प्रेमी की भूमिका में सहज और आकर्षक लगे हैं, वहीं जान्हवी कपूर ने अपनी केरल-तमिल मिश्रित छवि से प्रभावित किया है। संजय कपूर का ऊर्जावान प्रदर्शन सरप्राइज़ देता है, जबकि मनजोत सिंह और रेन्जी (वेणु) ने भी अपने किरदारों में मजबूती दिखाई है।

