भोपाल। मध्य प्रदेश में गरबा में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बीच भोपाल कलेक्टर ने गरबा को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। अब गरबा में जाने के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पहचान पत्र गरबा में एंट्री नहीं मिल सकेगी। इसके साथ ही गरबा आयोजन के दौरान आयोजकों को सीसीटीवी कैमरा लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
कलेक्टर ने कई जरूरी दिशा निर्देश जारी किए
भोपाल कलेक्टर ने गरबा को लेकर कई गाइडलाइन जारी की है। पहचान पत्र के साथ ही गरबा स्थल में फायर सेफ्टी उपकरणों को भी अनिवार्य किया गया है। जिससे कि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा चिकित्सा व्यवस्था के लिए एंबुलेंस और डॉक्टर की भी व्यवस्था करने के दिए निर्देश दिए हैं। वहीं गरबा स्थल में कोई भी हथियार या फिर तलवार लेकर नहीं घुस सकेगा। कलेक्टर ने सभी गरबा आयोजकों को सख्ती से गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर मचा सियासी घमासान
आज यानी 22 सितंबर से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। इसी के साथ ही प्रदेश भर में गरबा पंडाल भी नवरात्रि की रौनक बढ़ाएंगे। लेकिन गरबा पंडाल के साथ ही मध्य प्रदेश में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। हिंदू वादी संगठन और भाजपा ने गरबा में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर विरोध किया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने तो गरबा को लेकर गाइड लाइन जारी की थी। इनमें गैर हिंदुओं के प्रवेश निषेध, किसी भी तरह के नशे, मांसाहार और अश्लील गानों पर प्रतिबंध और फूहड़ता ना करना शामिल है।
भोपाल सांसद बोले- लव जिहादियों को बख्शा नहीं जाएगा
वहीं भोपाल से भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने कहा है कि जो त्योहार जिस समुदाय और धर्म का है, उसे वही लोग मनाएं। ये समझना चाहिए कि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है किसी भी लव जिहादी को नहीं छोड़ा जाएगा। दुर्गा पंडाल और गरबा में मुस्लिमों को एंट्री नहीं दी जाएगी। आलोक शर्मा लव जिहाद के मामले पर भड़के हुए दिखाई दिए। उन्होंने कहा, ‘जो लव जिहादी तिलक, कलावा लगाकर और केसरिया गमछा ओढ़कर आते हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. सभी लोग अपना त्योहार मनाएं और हिंदू समाज को अपना त्योहार मनाने दें। लव जिहाद करने वाले लोगों का घर तोड़ा जा रहा है और अब जेल में बंद हैं। अगर किसी को लव जिहाद करना है तो करके बताएं। लव जिहादी घबराए हुए हैं।’

