_भाजयुमो जिलाध्यक्ष की फेसबुक पोस्ट से खुली भाजपा की अंतर्कलह_
हरदा में भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिंदू विजय जेवल्या की सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी में घमासान मचा दिया है। उन्होंने नपाध्यक्ष के पति पर शहर का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है। इसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
क्या लिखा था फेसबुक पोस्ट में
भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिंदू विजय जेवल्या ने फेसबुक पर लिखा कि _”नपाध्यक्ष के पति शहर का भविष्य खराब कर रहे हैं”_। पोस्ट में उन्होंने नगर पालिका में हो रहे कामकाज और फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए शहर के विकास को बाधित कर रहे हैं। पोस्ट में भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा गया।
जेवल्या ने लिखा कि वह पार्टी में हो रही गलत नीतियों और हस्तक्षेप के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो शहर का विकास रुक जाएगा और जनता का भरोसा टूटेगा।
भाजपा की प्रतिक्रिया और नोटिस
जेवल्या की पोस्ट पर भाजपा जिला संगठन ने कड़ी आपत्ति जताई। जिला भाजपा अध्यक्ष ने इसे पार्टी की छवि खराब करने वाला कदम बताया और जेवल्या को कारण बताओ नोटिस थमा दिया। नोटिस में उनसे 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
जिला अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी के अंदर की बात को सार्वजनिक मंच पर लाना अनुशासनहीनता है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने भी जताई नाराजगी
इस मामले में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने भी मंथन किया। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि जेवल्या का बयान न केवल नपाध्यक्ष बल्कि पूरे संगठन को निशाने पर ले रहा है। उन्होंने जिलाध्यक्ष से मांग की कि ऐसे नेताओं पर तत्काल कार्रवाई हो ताकि पार्टी की एकता बनी रहे।
जेवल्या का पक्ष
हिंदू विजय जेवल्या ने कहा कि उन्होंने जो लिखा वह शहर हित में लिखा है। उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं बल्कि विकास में हो रही बाधाओं को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि अगर नोटिस का जवाब देना होगा तो तथ्यों के साथ देंगे और पार्टी फोरम पर भी अपनी बात रखेंगे।
शहर में चर्चा का विषय बना मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच दो गुट बनते दिख रहे हैं – एक जो जेवल्या के समर्थन में है और दूसरा जो पार्टी अनुशासन की बात कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नपाध्यक्ष पति का नगर पालिका के कामों में हस्तक्षेप पहले से चर्चा में रहा है, लेकिन अब यह खुलकर सामने आ गया है।
यह विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में संगठन स्तर पर और बैठकें हो सकती हैं।

