बिहार। आज समाज आधुनिक परिवेश के बाद भी लोगो की महिलाओ के प्रति सकरातम्क सोच नही बन पा रही है। दहेज के नाम पर आज भी बेटियो को मारा जा रहा है।
वैशाली जिला के नंदलालपुर गांव में एक दिल दहला देने वाला घटना सामने आई है, जहां दहेज प्रताड़ना का शिकार शिवांगी की हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर नदी मे फेंक दिया। शिकायत के बाद पुलिस भी लापरवाह रही।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार शिवांगी की शादी 12 फरवरी 2025 को वैशाली के परमहंस तिवारी के पुत्र शुभम से हुई थी। शादी के बाद से ही परिवार ने दहेज लेकर दौड़-धूप शुरू कर दी, जिससे शिवांगी को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। 12 अगस्त को पति समेत ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया।
पिता ने बेटी की 9 दिन तलाश की
शिवांगी के पिता और परिजनों ने 9 दिनों तक उसकी तलाश की, और अंततः पुलिस के साथ कल्याणपुर नदी के पास उसका शव बरामद किया। शव की पहचान पिता ने की।
अन्तिम संस्कार ससुराल के दरवाजे पर
शिवान्गी के पिता और परिजन उसका शव को लेकर उसके ससुराल पहुंचे। जहा ससुराल वाले पहले से फरार थे। शिवांगी के पिता ने शव को वही रखा । अपनी बेटी को ल न्याय न मिलने पर दुखी पिता ने ससुराल के सामने ही बेटी का अंतिम संस्कार किया। इस नाटकीय कदम को ग्रामीणों का सहयोग भी मिला ताकि दहेज के खिलाफ सख्त संदेश दिया जा सके।
महिला सुरक्षा पर सवालिया निशां
इस प्रकार की घटनाए समाज मे होना महिलाओ के प्रति संकीर्ण सोच को दर्शाता है।ये घटना दहेज प्रथा से जुड़ी सच्चाई और महिलाओं की सुरक्षा में होने वाली कमियों पर सवाल उठाती है।

