इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में हाल ही में गर्माहट साफ नजर आने लगी है। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला को अपने सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘निशान-ए-इम्तियाज’ से नवाजा है। यह सम्मान पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुद दिया।
दरअसल, पाकिस्तान का मकसद अमेरिका को अपने पाले में बनाए रखना है। अमेरिका के साथ मजबूत रिश्ते पाकिस्तान को कई मोर्चों पर फायदा दिला सकते हैं खासकर आर्थिक मोर्चे पर। पाकिस्तान की कोशिश है कि उसे IMF से कर्ज मिलता रहे और FATF की ग्रे लिस्ट में उसका नाम दोबारा न जाए।गौरतलब है कि पाकिस्तान जून 2018 से अक्टूबर 2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में था, क्योंकि उस पर आतंकवाद को पनाह देने के गंभीर आरोप थे। हाल ही में हुए पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के भीतर पल रहे आतंकी नेटवर्क फिर से दुनिया के निशाने पर हैं।
FATF की ग्रे लिस्ट में नाम आने से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय कर्ज हासिल करने में दिक्कत होती है। IMF से मिलने वाला कर्ज भी खतरे में पड़ जाता है। यही वजह है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ दोस्ती गहरी कर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। जनरल कुरिल्ला के इस दौरे में पाकिस्तान ने उन्हें खास मेहमान जैसा सम्मान दिया। राष्ट्रपति भवन में हाई-प्रोफाइल सेरेमनी हुई और उसके बाद पाक आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर के साथ कुरिल्ला की तस्वीरें सलामी देते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

