ईटानगर। पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को अरुणाचल प्रदेश पहुंचे जहां उन्होंने 5,125 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें शि-योमी जिले में दो प्रमुख पनबिजली परियोजनाओं और तवांग में एक सम्मेलन केंद्र शामिल हैं। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब अरुणाचल देश का पावर सेंटर बनने वाला है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की शुरुआत की गई वे डबल इंजन सरकार के दोहरे लाभ का उदाहरण हैं।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जिन इलाकों को वह पिछड़ा कहकर छोड़ देती थी, आज उनका ही विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्य हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है। तवांग मठ से नामसाई पैगोडा तक अरुणाचल प्रदेश शांति और सद्भाव की भूमि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद 70 से ज्यादा पूर्वोत्तर का दौरा किया है, केंद्र में कांग्रेस सरकार के दौरान इस क्षेत्र की अनदेखी की गई।
पीएम मोदी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को पिछले 10 साल में केंद्र से एक लाख करोड़ रुपए दिए गए, जो कांग्रेस शासन के दौरान मिले धन से 16 गुना ज़्यादा हैं। मुझे पता था कि दिल्ली में बैठकर पूर्वोत्तर का विकास नहीं हो सकता, इसलिए मंत्रियों और अधिकारियों को इस क्षेत्र में भेजा। उन्होंने कहा कि जहां काम करना मुश्किल होता था, उन्हें कांग्रेस पिछड़ा कहकर भूल जाती थी। ऐसा करके कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाती थी। यही कारण है कि यहां से लोगों ने पलायन किया। हमारी सरकार ने इस अप्रोच को बदल दिया, जिनको कांग्रेस पिछड़ा जिला कहती थी, हमने उन्हें ऐस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट बनाया और विकास को प्राथमिकता दी।
पीएम मोदी ने कहा कि सीमा के जिन गांवों को कांग्रेस लास्ट विलेज कहती थी, उन्हें हमने फर्स्ट विलेज माना। उन गांवों में विकास हो रहा है। बाइब्रेंट विलेज की सफलता ने लोगों का जीवन आसान बना दिया है। अरुणाचल प्रदेश के गांवों में भी बिजली और इंटरनेट की सुविधाएं पहुंच गई हैं। पहले सीमा से शहरों की ओर पलायन होता था लेकिन अब सीएम के गांव पर्यटन का नया केंद्र बन गए हैं। जैसे-जैसे नए इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ रही है, वैसे-वैसे यहां पर्यटन भी बढ़ रहा है। बीते दशक में यहां पर्यटकों की संख्या में दो गुनी वृद्धि हुई।

