jhankar
ब्रेकिंग
अयोध्या धाम में हरदा का गौरव बढ़ा :  रक्तमित्र परमानंद सिंह बघेल को मिला राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान-... अधूरी सड़क और पुलिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश गुणवत्ता पर सवाल, नपाई की दिशा से हटकर नि... प्रेमिका ने पहाड़ी पर मिलने बुलाया, चार दिन बाद पत्थरों के नीचे मिला प्रेमी का शव, पन्ना में 21 वर्ष... हर मुश्किल का समाधान संभव, चुप न रहें, अपनों से करें मन की बात छात्रों की आवाज बने हैं राहुल गांधी- मोहन साई हंडिया से खरनाल तक आस्था का सफर: मां नर्मदा की आरती के बाद तेजाजी महाराज की ध्वज यात्रा रवाना विकास को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष ने विधायक को दी बहस की चुनौती बाबा रामदेव जन्मोत्सव आज: शोभायात्रा और भंडारा, रात में होगा जम्मा जागरण आज टिमरनी से निकलेगी रामदेव मंदिर के लिए पैदल ध्वज यात्रा नेशनल लोक अदालत: 2,077 मामलों का निपटारा, छह साल से अलग रह रहे पति-पत्नी में हुई सुलह

मध्य प्रदेश के 8 शहरों में बढ़ा प्रदूषण, इंदौर-भोपाल की हवा हुई खराब, NGT ने मांगी रिपोर्ट

भोपाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन भोपाल बेंच ने मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत आठ शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है। ट्रिब्यूनल ने इसे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा संकट मानते हुए राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा है कि भोपाल में वायु गुणवत्ता तय मानकों से काफी नीचे चली गई है और कई बार AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच चुका है।

- Install Android App -

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन शहरों को किया नाॅन-अटेनमेंट घोषित
यह आदेश आवेदक राशिद नूर खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें उनकी ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी ने पक्ष रखा। एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास, सागर और सिंगरौली को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया गया है। इन शहरों में पिछले पांच वर्षों से PM₁₀ और PM₂.₅ का स्तर लगातार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों से ऊपर बना हुआ है।