jhankar
ब्रेकिंग
हरदा-छिपानेर मार्ग पर वर्षा ऋतु में सुगम आवागमन के लिए शोल्डर रोलिंग का कार्य जारी अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 9 प्रकरण दर्ज पिछले 24 घंटों में जिले में 1.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज सिविल डिफेंस वालेंटियर्स को अग्नि सुरक्षा एवं बचाव के उपायों का दिया गया प्रशिक्षण सोयाबीन में पत्ती खाने वाली इल्ली के नियंत्रण के लिए कृषि विज्ञान केंद्र ने जारी की सलाह आवली घाट पर फ्रेंडशिप डे पर नर्मदा भजन, मित्रों ने मांगी सुख-समृद्धि हरदा जिला मुख्यालय पर 9 अगस्त को कृषि उपज मंडी प्रांगण में हरदा विश्व आदिवासी दिवस मनाने को लेकर जिल... विश्व हिन्दू परिषद हरदा जिले का द्वि-दिवसीय अभ्यास वर्ग सम्पन्न, 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने लिया प्... हरदा में ABVP और श्री वेलनेश सेंटर ने किया शिक्षक व पत्रकारों का सम्मान, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में... भीमराव अंबेडकर हॉस्टल में गूंजी नशा मुक्ति की शपथ; वार्डन पुरस्तमजी और वॉलिंटियर शुभम ढोके के नेतृत्...

धार : भोजशाला में हुआ सत्याग्रह बड़ी संख्या में हिन्दू समाज सम्मिलित

धार। भोजशाला व माँ वाग्देवी की मुक्ति एवं उनके गौरव की पुनरस्थापना हेतु दृढ़ संकल्प की पूर्ति हेतु भोजशाला में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज सत्याग्रह हेतु उपस्थित हुआ। नियमित सत्याग्रह में हिन्दू समाज का मार्गदर्शन करने हेतु प्रसिद्ध कथावाचक संत श्री कृष्ण गोपाल जी सक्करखेड़ी वाले महाराज भोजशाला में पधारे। उन्होंने प्रति मंगलवार सभी सत्याग्रहियों सकल हिंदू समाज को अधिक से अधिक संख्या में प्रति मंगलवार सत्याग्रह में आने का आव्हान किया सत्याग्रह के माध्यम से संघठित हिंदू शक्ति का परिचय देने व आगामी बसंतपंचमी 23 जनवरी शुक्रवार के दिन सकल हिंदू समाज द्वारा भोजशाला में माँ की अखंड पूजा हो निर्बाध व निर्विह्ग्न हवन पूजन हो इस हेतु सकल हिंदू समाज को संकल्पित किया।

- Install Android App -

उन्होंने बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में माँ की अखण्ड पूजा व हवन में सपरिवार सम्मिलित होने हेतु सकल हिन्दू समाज से आव्हान किया।
आज सत्याग्रह में बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं हिन्दू समाज उपस्थित रहा। संत श्री के द्वारा अपने उदबोधन में अमन चैन की दुआ करने वालों को भी धार में अमन चैन हेतु अपनी जिद छोड़ने व एक दिन की आराधना कही और कर लेने का आग्रह किया साथ ही यह भी निर्देशित किया की माँ की पूजा हेतु केवल एक सरस्वती मंदिर है, माँ की पूजा सरस्वती मंदिर में ही संभव है जब की अन्य लोग अपनी जिद छोड़ कर कही और भी अपनी आराधना कर लेते है अतः वे जिद छोड़ हिन्दू जनो की भावना का आदर कर अमन चेन की दिशा में प्रयास कर देश में एक अच्छा संदेश दे।