3 साल बाद घर से बाहर निकले बातुल
हरदा : कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र द्वारा जिले में ‘घर पहुंच सेवा’ निरंतर प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में मानवता और संवेदनशीलता की एक मिसाल पेश करते हुए जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की टीम ने वार्ड क्रमांक 18 निवासी दिव्यांग बातुल शबीर हुसैन की जिंदगी में नई खुशियां भर दी।
उपसंचालक सामाजिक न्याय कमलेश सिंह ने बताया कि बातुल शबीर हुसैन पिछले 3 वर्षों से अपने पैरों से चलने में असमर्थ होने के कारण घर से बाहर नहीं निकल पाए थे। उनके पास कोई दिव्यांगता प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज भी नहीं था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
जानकारी मिलते ही जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की टीम ने इस केस को हॉटस्पॉट केस के रूप में चिन्हित किया। टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए मेडिकल बोर्ड से उनका परीक्षण करवाया गया और भारत सरकार के पोर्टल पर यूडीआईडी के लिए आवेदन किया गया।
विशेष बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया को मात्र 24 घंटे में पूरा कर उनका यूडीआईडी कार्ड तैयार करवाया गया और टीम स्वयं उनके घर पहुंची और उन्हें निःशुल्क व्हील चेयर प्रदान की। अब बातुल 3 साल बाद व्हील चेयर के सहारे घर से बाहर निकल पा रहे हैं और उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है।
बातुल और उनके परिजनों ने कलेक्टर सिद्धार्थ जैन और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उन्हें नई उम्मीद मिली है।

