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भारतीय सीमा पर पहुंची नेपाल हिंसा की आंच, कांग्रेस दफ्तर में तोड़-फोड़, आगजनी के बाद तनाव

पिथौरागढ़। पड़ोसी देश नेपाल में हो रही हिंसा की आंच भारतीय सीमा पर पहुंच गई है। बुधवार को यहां झूलाघाट और धारचूला से लगे नेपाली क्षेत्र दार्चुला और बैतड़ी में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ। दार्चुला में प्रदर्शकारियों ने कांग्रेस और एमाले कार्यालय में तोड़फोड़ की। आगजनी की घटना भी देखने को मिली। इसके बाद तनाव गहरा गया है।

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झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय पुल से करीब 25 किमी दूर बैतड़ी के साहिलेक बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। यहां के युवाओं ने सोशल मीडिया पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन किया। बैतड़ी के वरिष्ठ पत्रकार गोकर्ण दयाल ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने विरोध में बाजार बंद करवाया। बाजार में जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। पिथौरागढ़ के धारचूला से सटे नेपाल के दार्चुला में भी बवाल हुआ। दार्चुला पहुंचकर पड़ताल की। स्थानीय बहादुर सिंह, दुर्गादत्त ने बताया कि 11 बजे के करीब लोग दार्चुला बहुमुखी कैंपस में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने दार्चूला बाजार में जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी सीडीओ कार्यालय भी पहुंचे और पत्थरबाजी की। दोपहर दो बजे के करीब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने कांग्रेस और एमाले-माओवादी कार्यालय में तोड़फोड़ की। नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की संयुक्त टीम घटनास्थल पहुंची, लेकिन वे प्रदर्शनकारियों के सामने असहाय नजर आए।बता दें कि भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ सुलगी विरोध की चिंगारी से नेपाल दूसरे दिन मंगलवार को भी सुलगता रहा। हालात इतने बिगड़ गए कि प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के निजी आवास से लेकर कई मंत्रियों और नेताओं के घरों, दफ्तरों में तोड़फोड़ एवं आगजनी की। आक्रोश के आगे सरकार को झुकना पड़ा और प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा दे दिया।