जीवन में सफलता एक दिन में नहीं मिलती। जैसे बीज बोने के बाद रोज पानी देने से ही वह एक दिन वृक्ष बनता है, वैसे ही सही दिशा में किया गया निरंतर प्रयास ही हमें मंजिल तक पहुंचाता है।
बहुत से लोग मेहनत तो करते हैं, पर दिशा गलत होने पर सारा परिश्रम व्यर्थ चला जाता है। इसलिए सबसे पहले लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। जब लक्ष्य सही हो और उस पर हम रोज थोड़ा-थोड़ा काम करते रहें, तो परिणाम निश्चित रूप से अच्छे आते हैं।
कई बार रास्ते में असफलता, थकान और लोगों की बातें हमें रोकती हैं। यहीं पर अधिकतर लोग प्रयास छोड़ देते हैं। याद रखिए, नदी भी लगातार बहकर ही पत्थर को काट देती है। उसकी शक्ति निरंतरता में है।
थॉमस एडिसन ने हजार बार असफल होने के बाद भी प्रयास नहीं छोड़ा, तभी बल्ब बना। अगर उन्होंने बीच में हार मान ली होती तो दुनिया आज भी अंधेरे में होती।
इसलिए आज से प्रण लें – चाहे परिणाम तुरंत न दिखे, पर सही रास्ते पर चलना और रोज प्रयास करना कभी बंद नहीं करेंगे। क्योंकि सतत प्रयास ही वह कुंजी है जो असंभव को भी संभव बना देती है।

