सुरक्षित बचपन अभियान के तहत हरदा के विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम एवं बाल अधिकारों पर जागरूकता शिविर आयोजित
हरदा, : म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा प्रारंभ किए गए “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत दिनांक 02-11-2026 को माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी की अध्यक्षता में सनफ्लावर हायर सेकेंडरी स्कूल एवं शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हरदा में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
सनफ्लावर हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरविंद रघुवंशी ने कहा कि सुरक्षित बचपन अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बाल विवाह और बाल शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन तथा प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, संरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना है।
उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा शोषण की स्थिति में बिना भय के शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों को मौलिक एवं विधिक अधिकारों, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, निषिद्ध आचरण एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रावधानों व दंडात्मक परिणामों से अवगत कराया गया।
शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शिविर में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, हरदा सुधीर कुमार चौधरी द्वारा विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल अधिकारों, गुड टच-बैड टच, बाल विवाह की रोकथाम एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, हरदा अमित मालवीय ने कहा कि आपकी जागरूकता किसी बच्चे के जीवन में सुरक्षा और उम्मीद ला सकती है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, बेहतर देखभाल और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। यदि कोई बच्चा संकट में है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी सौरभ कुमार दुबे द्वारा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। उन्होंने बाल शोषण की शिकायत हेतु 1098, साइबर अपराध की शिकायत हेतु 1930 और निःशुल्क विधिक सहायता हेतु 15100 हेल्पलाइन के उपयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग एवं साइबर विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा बाल सुरक्षा, ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक चर्चा कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा बाल सुरक्षा से संबंधित भ्रांतियों का निवारण किया गया। शिविरों का आयोजन नालसा की थीम “कानून जानो, बचपन बचाओ” के अनुसार किया गया तथा विद्यार्थियों को प्राधिकरण की योजनाओं के पम्पलेट्स का वितरण किया गया।

