नई दिल्ली। अगर आप यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई ऐप से बार-बार बैलेंस चेक करते हैं तो 1 अगस्त से ऐसा करने में आपको परेशानी हो सकती है। 1 अगस्त से आप एक दिन में 50 बार से ज्यादा बार यूपीआई ऐप के जरिए बैलेंस चेक नहीं कर सकेंगे। ये बदलाव यूजर्स, बैंकों और मर्चेंट्स, सभी के लिए हैं। अब ऑटो-पे (जैसे ईएमआई, सब्सक्रिप्शन या बिल पेमेंट) अब दिन में किसी भी समय नहीं, बल्कि तय समय स्लॉट्स में होंगे। अगर कोई पेमेंट अटक जाता है तो आप उसका स्टेटस सिर्फ 3 बार चेक कर सकते हैं, वो भी हर बार 90 सेकेंड के गैप के साथ।
एनपीसीआई का कहना है कि यूपीआई सिस्टम पर बहुत ज्यादा लोड पड़ रहा है, खासकर पीक ऑवर्स (सुबह 10 से दोपहर 1 बजे और शाम 5 से रात 9:30 बजे) में। बार-बार बैलेंस चेक करना या ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने से सिस्टम स्लो हो जाता है। हाल में अप्रैल और मार्च 2025 में यूपीआई में दो बड़े आउटेज (सिस्टम डाउन होने की घटनाएं) हुए, जिससे करोड़ों यूजर्स को परेशानी हुई। इन बदलावों से सिस्टम को तेज, भरोसेमंद और बिना रुकावट वाला बनाने की कोशिश है।

