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गैस वेल्डिंग और मजदूरी करने वाले माता-पिता की बेटी ने 12वीं कक्षा में हासिल किए 80% अंक

अनिल उपाध्याय
खातेगांव
खातेगांव के ग्राम करोंद बुजुर्ग की रहने वाली फिजा खान ने 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गांव और तहसील का नाम रोशन किया है. गौरतलब है कि फिजा खान के पिता गैस वेल्डिंग का काम करते हैं और माता मजदूरी करती है। माता-पिता अनपढ़ हैं. वह अपना नाम तक नहीं लिख पाते हैं वही बेटी ने बायोलॉजी संकाय से 80% अंक हासिल कर अपने माता-पिता और परिजनों का नाम रोशन किया है।इससे पहले फिजा ने दसवीं कक्षा में 93 प्रतिशत से उत्तीर्ण की थी। फिजा बताती है कि उसका सपना डॉक्टर बनने का है वह डॉक्टर बनकर समाज सेवा का काम करना चाहती है और गरीबों का मुफ्त इलाज करने की उनकी प्रबल इच्छा है परंतु माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अब वह आगे की उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए खुशी के साथ साथ चिंतित भी है। वही पिता रहुप खान का कहना है कि वे आगे बेटी को और भी पढ़ाएंगे हम तो पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन अब पढ़ाई की अहमियत समझ में आने लगी है। चाहे उन्हें दिन-रात मजदूरी करना पड़े मगर वे बेटी को पढ़ने से नहीं रोकेंगे. वही माता रुखसाना का कहना है कि हमारी आर्थिक स्थिति सही नहीं है हम मजदूरी करते हैं फिर भी हमने बेटी को यहां तक पढ़ाया है. हमारा घर भी खुद का नहीं है मगर पेटी को आगे बढ़ाने की दिली तमन्ना है। इस खुशी में माता-पिता के अलावा रिश्तेदार गांव वाले और मिलने वालों ने बेटी और माता-पिता को बधाइयां दी है।