jhankar
ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम की प्रथम वर्ष की कक्षाओं का हरदा, खिरकिया,टिमरन... हंडिया में 28 अगस्त को होगा महाविप्र संगम एवं श्रावणी उपाकर्म ब्रह्मकर्म महोत्सव,,,, हंडिया : आखिर कब तक सड़कों पर दम तोड़ता रहेगा गोवंश? हिरापुर के पास अज्ञात वाहन ने कैड़े को कुचला, ... गोगिया में घर में घुसकर चोरी का 24 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार सर्व ब्राह्मण समाज संगठन ने लगाए 51 पौधे,संरक्षण का लिया संकल्प हरदा में 12 सितंबर को लगेगी वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत  उल्लासः एक अभिनव प्रयोग-2026 कार्यक्रम अंतर्गत न्यायालय परिसर में स्वच्छता एवं हरित वातावरण के लिए स... पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा इंदौर-भोपाल हाईवे पर 3 दिन ट्रैफिक डायवर्ट,कांवड़ यात्रा के का... हरदा जिले की खास खबरें - 23 अगस्त 2026 हाईवे पर पलटी कार, एक युवक की मौत, दूसरा घायल

स्वेच्छा व परस्पर सहमति से पति से अलग रहने वाली महिला भरण-पोषण राशि की हकदार नहीं

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर |कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विजय सिंह कावछा के न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि स्वेच्छा व परस्पर सहमति से पति से लग रहने वाली महिला भरण-पोषण राशि की हकदार नहीं है। लिहाजा, उसका आवेदन निरस्त किया जाता है। युवक की ओर से अधिवक्ता जीएस ठाकुर व अरुण कुमार भगत ने पक्ष रखा।

- Install Android App -

अधिवक्ता जीएस ठाकुर व अरुण कुमार भगत ने दलील दी कि भरण-पोषण की मांग करने वाली महिला छह जून, 2017 को निष्पादित सहमति पत्र के आधार पर अपने पति डेनियल से अलग रह रही है। साफ है कि उसने स्वेच्छा से पृथक रहने का रास्ता अपनाया है। कमल सिंह विरुद्ध सुनीता के न्यायदृष्टांत के अनुसार पति से सहमति पत्र के आधार पर अलग रहने वाली महिला भरण-पोषण की राशि लेने की अधिकारी नहीं होती है। लिहाजा, प्रस्तुत आवेदन निरस्त किए जाने योग्य है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि आवेदिका से तलाक का मामला अदालत में विचाराधीन है। आवेदिका पति पर संदेह करती आई है। इस वजह से दोनों का वैवाहिक जीवन पटरी से उतर गया। दोनों साथ रहने की हालत में नहीं थे। इसीलिए अलग रहना मंजूर किया। ऐसे मामले में भरण-पोषण की मांग बेमानी है। अदालत ने तर्क से सहमत होकर आवेदन निरस्त कर दिया।