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हरदा न्यूज : सरकारी जमीन पर हंडिया तहसीलदार की साठगांठ से दबंगों ने किया कब्जा, जिला कलेक्टर सीएम हेल्पलाइन पर भी की शिकायत नही हुई कार्यवाही !

अतिक्रमण कर्ता की शिकायत होने पर भी कार्यवाही करने सेे कतरा रहे अधिकारी

ग्रामीण अंचलो में सरकारी जमीनों पर दबंग लोग कब्जा कर निजी उपयोग में लेे रहे है। इनके राजनीति रसूख के चलते ग्रामीण स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही होती है। जिले में ऐसी न जाने कितनी बहुमूल्य कीमती जमीन दबंगो के कब्जें में है। स्थिति यह है कि लंबे समय तक विरोध या शिकायत न होने पर इस सरकारी जमीन पर दबंगो का कब्जा बना रहता है और एक समय ऐसा भी आता है कि इस जमीन पर वह अपना मालिकाना हक साबित करने लगते है। इनके राजनीति रसूख के चलते कोई भी सरकारी अधिकारी कर्मचारी इनके विरुद्ध कार्यवाही करने से कतराता है।

मकड़ाई समाचार हंडिया। ग्राम बिछौला माल की एनव्हीडीए के आधिपत्य की डूब प्रभावित सरकारी घोषित जमीन पर हो रहे अतिक्रमण व कब्जा गांव के व्यक्ति द्वारा कब्जा किया जा रहा है। जिसको लेकर कई बार जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की गई। मगर कोई उचित कार्यवाही आज तक नही हुई। मंगलवार को जिला जनसुनवाई में हंडिया तहसील के ग्राम बिछोला माल निवासी दुर्गेश गुुर्जर द्वारा लगातार इस अतिक्रमण के विरुद्ध शिकायत की जाती रही है। उन्होने बताया बिछौला माल की डूब भूमि खसरा क्रमांक17/1 ,19/1,19/2,20/1 कुल रकबा 10.850 हैक्टेयर जो कि डूब प्रभावित शासकीय भूमि है। जिसका मुआवजा मिल चुका है।

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उक्त जमीन 23.02.2023 को कोर्ट का आदेष पारित किया गया एवं फतेहचंद्र पिता गोपीलाल अग्रवाल को जमीन पर कब्जा छोड़ने और जुर्माना करने का आदेश पारित हुआ था। जिसका कब्जा हटवाकर पंचनामा बनाया गया। इस को तहसीलदार हंडिया द्वारा ग्राम कोटवार महेश पिता मांगीलाल की निगरानी में पंचनामा बनाकर दिया गया था। इस जमीन पर वर्तमान में अशोक पिता नारायण जाट द्वारा जमीन पर कब्जा किया जाकर 12 जनवरी 2023 को जोेता गया। आवेदक दुर्गेश गुर्जर द्वारा तत्काल अतिक्रमण किए जाने की शिकायत 13.01.2023 को हंडिया तहसीलदार से की गई। 19.01.2023 जिला कलेक्टर , 20.01.2023को कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास खंडवा से शिकायत की गई थी। जिस पर कार्यवाही करते हुए नर्मदा विकास खंडवा कार्यालय प़त्र क्रमांक 191/कार्य/2023 से जिला कलेक्टर हरदा को पत्र भेजकर दुर्गेश गुर्जर की शिकायत के संदर्भ में बिछौलामाल में एनव्हीडीए के आधिपत्य की डूब प्रभावित भूमि पर किए अतिक्रमण के संबंध में उचित कार्यवाही किए जाने हेतु पत्र लिखा गया। इसके साथ पत्र पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी हंडिया को भी सूचनार्थ पत्र भेजा गया।

उक्त भूमि से संबंधित अतिक्रमणकारी को बेदखल करने की कार्यवाही करने की बात कही गई। दुर्गेश गुर्जर ने जमीन पर अतिक्रमण किए जाने के विरोध में सभी अधिकारियों को शिकायती आवेदन देकर उचित कार्यवाही का निवेदन किया मगर सरकारी अधिकारियों के कान पर जूं तक नही रेंगी है। प्रशासन आखिर किसके दबाब में है जो अभी तक कार्यवाही नही कर रहा है। सरकारी जमीन पर तो इस प्रकार जो चाहे मनमाना कब्जा कर उस पर स्थायी निर्माण कर लेगा फिर तो उसे हटाना और भी कठिन हो जायेगा। सरकारी मायने से जमीन का बहुत बड़ा हिस्सा है सरकार इस बेशकीमती जमीन को और भी अन्य कार्यो में ले सकती हैै। इधर सूत्रों की माने तो 25 एकड़ यह जमीन लगभग 15 लाख रुपए में खरीद फरोख्त भी हो चुकी। देखना यह होगा। की क्या जिला प्रशासन कोई कार्यवाही करेगा या नही। इधर दुर्गेश गुर्जर का आरोप है की कही न कही सत्ता पक्ष के किसी बड़े नेता का हाथ है। उसी के कारण हरदा जिला प्रशासन कोई कार्यवाही नही कर रहा है।

इस संबध में हंडिया तहसीलदार शिवदत्त कटारे से उनके मोबाइल पर कॉल करके उनका पक्ष जानना चाहा। लेकिन उन्होंने फोन रिसीब नही किया।