jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : आम किसान यूनियन ने दिया भारतीय किसान संघ के आंदोलन को समर्थन, इधर किसान संघ ने भी आम किसान ... आज का पंचांग और राशिफल - मंगलवार, 14 जुलाई 2026 आज 14 जुलाई 2026 : देश -विदेश की मुख्य खबरें World News TOP20 आज 14 जुलाई 2026, मंगलवार को मध्य प्रदेश की मुख्य खबरें MP-NEWS TOP20 आज 14 जुलाई 2026, मंगलवार - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट आज 14 जुलाई 2026 दिन मंगलवार को हरदा की खास खबरों की झलक रायगढ़: निर्माणाधीन कांग्रेस कार्यालय में नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार हंडिया : मूंग खरीदी को लेकर नर्मदा में उतरे किसान, रिद्धनाथ घाट पर भारतीय किसान संघ का जल सत्याग्रह ... सतना: कैमा रेलवे स्टेशन के पास नाबालिग लड़की बेहोश हालत में मिली, जांच जारी खुली पड़ी विद्युत डी.पी. बनीं जानलेवा, पार्षद ने एसडीएम से जनसुनवाई में की शिकायत

आम्रपाली के CMD ने माना- होम बायर्स के 2,996 करोड़ रुपए की हेराफेरी की

नई दिल्लीः आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी ने माना कि 2,996 करोड़ रुपए दूसरी कंपनी का बिजनेस बढ़ाने में लगा दिए गए। यह जानकारी आम्रपाली ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जेल में डालने की धमकी के बाद दी। इसी वजह से हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स पूरा करने के लिए जरूरी रकम का अभाव हो गया और ये प्रॉजेक्ट्स लटक गए। कंपनी ने कहा कि 2,996 करोड़ रुपए के डायवर्जन का आंकड़ा मार्च 2015 तक का ही है क्योंकि उसके बाद से बैलेंसशीट अपडेट ही नहीं की गई है।

गौरतलब है कि आम्रपाली के सैकड़ों हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स हैं, जिनमें नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा के वे 170 टावर शामिल हैं जिनमें 46 हजार होम बायर्स ने निवेश कर रखा है। इन प्रॉजेक्ट्स के लिए कंपनी ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों एवं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के जरिए भी 4,040 करोड़ रुपये जुटाए। 2015 तक की बैलेंस शीट और कुछ कच्चे-पक्के आंकड़ों का हवाला देते हुए आम्रपाली ग्रुप ने दावा किया कि उसने इन हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स में 10 हजार 300 करोड़ रुपए निवेश किए।

- Install Android App -

आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा ने एक विस्तृत शपथपत्र (ऐफिडेविट) के जरिए कोर्ट को सभी 46 ग्रुप कंपनियों के मौद्रिक लेनदेन की जानकारी दी और कहा कि 5,980 करोड़ रुपए मॉल्स और रेजॉर्ट्स बनाने, जमीन खरीदने, ऑफिस के संचालन में तथा बैंकों एवं होम बायर्स को पैसे वापस करने पर खर्च किए। शर्मा ने बताया कि आम्रपाली ग्रुप ने जुटाई गई रकम से 667 करोड़ रुपए ज्यादा खर्च किए और यह रकम ठेकेदारों को देनी है। उन्होंने आम्रपाली की उन 9 कंपनियों की लिस्ट दी जहां से होमबायर्स के पैसे दूसरी कंपनियों में लगाए गए।

कंपनी ने यह कहते हुए डायवर्जन को सही ठहराने की कोशिश की कि पैसे ग्रुप कंपनियों से बाहर नहीं गए, बल्कि ग्रुप के बिजनस बढ़ाने में ही लगाए गए। ऐफिडेविट में कहा गया है कि कुछ कंपनियों को ग्रुप की ओर से लोन दिया गया और करीब-करीब पूरी रकम वापस आ गई। सीएमडी ने ऐफिडेविट में कहा, ‘आम्रपाली ग्रुप की कुछ कंपनियों से कुछ दूसरी कंपनियों में पैसे की हेराफेरी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, सीएफओ और ऑडिटर के संज्ञान में थी क्योंकि ऐसा उन सबके पेशेवर सलाह एवं सुझाव पर ही किया गया।’