खंडवा। हाइकोर्ट जबलपुर के रजिस्ट्रार के आदेश के बाद मंगलवार से खंडवा कोर्ट बंद रहेगी। कोर्ट को फिलहाल बुरहानपुर कोर्ट से जोड़ा गया है। विदित हो कि खंडवा के न्यायिक अधिकारी और उनकी पत्नी दो दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। दंपती का इलाज भोपाल के एम्स में चल रहा है। इनके संपर्क में आए लोगों में कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए 15 न्यायधीशों सहित 70 लोगों के सेम्पल लिए थे। इनमें भी एक न्यायाधीश पॉजिटिव आए हैं।
जबलपुर उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार के आदेश के तहत मंगलवार से खंडवा सीजेएम व जेएमएफसी न्यायालय का जुरीडिक्शन हरसूद रहेगा। सेशन कोर्ट का जुरीडिक्शन बुरहानपुर प्रथम अपर सत्र न्यायालय होगा। न्यायिक अधिकारी और उनकी पत्नी के पॉजिटिव आने के बाद यह निर्णय लिया गया है।संबंध में कलेक्टर अनय द्विवेदी ने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश से खंडवा कोर्ट को फिलहाल बुरहानपुर कोर्ट से जोड़ दिया है।वहीं सेम्पल देने वाले सभी जज क्वारंटाइन हो गए हैं।
दो माह में शहर की एक प्रतिशत आबादी हुई संक्रमित, 271 पॉजिटिव में से 224 स्वस्थ भी हुए
जिले में कोरोना की दस्तक को दो माह पूरे हो चुके हैं। इस दौरान शहर की दो लाख 70 हजार की आबादी में से 271 व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं जो कुल आबादी का करीब एक फीसद है। इस बीच 17 पॉजिटिव मरीजों की मौत तथा 222 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। आंकड़ों के मद्देनजर फिलहाल शहर और जिला सामुदायिक संक्रमण से सुरक्षित है। लॉकडाउन खुलने के बाद संक्रमण बेकाबू नहीं हो इसके लिए प्रभावी रणनीति के साथ ही लोगों को सजगता और सतर्कता बरतना होगा।
जिले में कोरोना का दायरा पैर पसारकर शहर से अंचलों तक पहुंच चुका है। आठ अप्रैल को जिले में पांच पॉजिटिव मरीज के साथ कोरोना का सफर शुरू हुआ था। इस बीच 118 सैंपल लिए गए थे। इनमें 71 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव रही थी। इसके एक माह बाद आठ मई तक लिए गए 1108 सैंपलों में 52 पॉजिटिव और 566 निगेटिव रिपोर्ट सामने आई थी। इस बीच सात मरीज दम तोड़ चुके थे। जिले में कोरोना का दो माह का सफर आठ जून को पूरा होने तक स्थिति चिंताजनक बन चुकी है। दो माह में लिए गए 3674 सैंपल में पॉजिटिव का आंकड़ा 271 तक पहुंच चुका है। वहीं 3077 निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद 17 मरीजों की मौत हो चुकी है। वैसे राहत की बात यह है कि पॉजिटिव मरीजों में से 224 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
बाजार और दुकानों में नहीं बरत रहे सतर्कता
लॉकडाउन तीन तक बाजार, दुकानें और कार्यालय आदि बंद रहने से संक्रमण को नियंत्रित करने में शासन-प्रशासन काफी हद तक सफल रहा है। जिले में दो माह में 3674 सैंपल हुए है जो शहरी आबादी का लगभग दस फीसद है। इसमें से मात्र एक फीसद व्यक्तियों में ही संक्रमण मिला है। अब अनलॉक वन में बाजार व दुकानें प्रतिबंधों और शर्तों के साथ खुलने के बावजूद लोग निर्देशों और गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे है। सड़कों, बाजार, दुकानों और बैंकों आदि स्थानों पर शारीरिक दूरी की अवहेलना हो रही है। कई लोग बगैर मास्क के घूम रहे हैं। सैनिटाइजिंग की गाइड लाइन का व्यवसायी भी नजरअंदाज कर अपने व्यावसायिक हितों को साध रहे हैं। इन लापरवाहियों की वजह से कोरोना ब्लास्ट के रूप में कहर मचा सकता है। इसे देखते हुए फिलहाल प्रशासन ने जिले में धार्मिक स्थलों सहित परिवहन आदि को प्रतिबंधित कर रखा है।
छह कंटेनमेंट कम हुए
जिले में पॉजिटिव मरीज मिलने से रविवार तक 38 कंटेनमेंट जोन बन चुके थे। इनमें से छह की समयावधि पूरी होने पर इन्हें हटा दिया गया है। इससे कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या 32 रह गई है। प्रशासन द्वारा शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार कंटेनमेंट का दायरा सीमित करने से लोगों को काफी राहत हो गई है। पहले किसी क्षेत्र में एक पॉजिटिव मरीज मिलने पर पूरा मोहल्ला कंटेनमेंट के दायरे में आ जाता था लेकिन अब मरीज का घर और आसपास के दो-तीन मकान ही इसकी जद में रखें जा रहे हैं। प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन में पहले से सख्ती भी बढ़ा दी है।

