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टिमरनी न्यूज़ – ग्राम पंचायत मनियाखेड़ी में लाखों रुपये की अनियमितता में जांच अधिकारी सरपँच सचिव पर मेहरबान,बीते 7 माह नही हुई कार्यवाही

मकड़ाई समाचार हरदा। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान गॉव में विकास कार्यो को लेकर लाखो रुपये देते है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतर ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर सिर्फ भ्रस्टाचार होता है। सड़को का कचरा तक नही उठता। जो सड़के नाली बनाई जाती है। वह 6 महीने में ही भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।

ग्राम पंचायतों में लाखों करोड़ों खर्च करने के बाद भी विकास  कार्य शून्य आज भी मिलेगा। आज भी गॉव के लोग मुलभुत सुविधाओ से वंचित है।

टिमरनी विकासखंड की ग्राम पंचायत मनियाखेड़ी में लाखों रुपये के फर्जी बिल वाऊचर लगाकर रुपये की राशि विभिन्न निर्माण कार्यो में अलग अलग मद से निकाली गई। गॉव के जागरूक पंच सहित अन्य लोगो ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत भी की शिकायत के बाद जनपद पंचायत टिमरनी में जांच टीम बनाई गई। लेकिन यह जांच टीम की जांच 7 महीने में भी पूरी नही हुई। गॉव के दबंग सरपँच सचिव खुलेआम कह रहे है। हमारा कोई बाल भी बांका नही कर सकता। लाखो रुपये नियम विरुद्ध निकाले गए। इस पंचायत में मनरेगा में भी जमकर फर्जी मस्टर रोल चले सरपँच एवं सचिव ने अपने चहेतों के खाते में राशि डालकर निकाली।
इसको लेकर समाचार पत्रों ने प्रमुखता से ख़बरो का प्रकाशन भी किया लेकिन जिम्मेदार जनपद के अधिकारी भी कौड़ियों के दाम बिक गए ओर अपना ईमान बेच दिया। जांच के नाम पर लीपापोती कर दी गई। सवाल इस बात का की ऐसी कौन सी जांच है। जो 7 महीने बाद भी पूरी नही है। इतना ही जब शिकायते हुई उसी समय रोजगार सहायक विक्रम सिंह राजपूत को भी हटाना था। लेकिन जनपद के जांच अधिकारियों ने भी लाखों रूपए नजराना लेकर जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

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जिम्मेदारों की अनदेखी, सांठगांठ को कर रही बयां

जब इस संबध में जनपद सीईओ अशोक कुमार उइके से मोबाइक पर सम्पर्क किया गया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीब नही किया। वही जांच अधिकारी कामले से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने भी फोन नही उठाया। इसके अलावा पंचायत इंस्पेक्टर एल एल बिल्लोरे को फोन लगाकर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा में छुट्टी पर हु। जिम्मेदार अधिकारी जांच के नाम पर गुमराह कर रहे जिससे शिकायत कर्ताओं में नाराजगी है। वही जांच अधिकारी यो की कार्यशेली पर सवाल उठ रहे है। जिला पंचायत सीईओ के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। लेकिन कुंभकर्ण की नींद सोये ऐसे अधिकारियों के कारण ही ग्रामीण क्षेत्रो में विकास कम भ्रस्टाचार ज्यादा होता है। जिलाधीश महोदय संजय गुप्ता को ऐसे मामलों को शीघ्र ही संज्ञान में लेकर ऐसे अधिकारियो का रिकार्ड खंगालना चाहिए ताकि भ्रस्टाचार पर लगाम लग सके।

नोट- मकड़ाई समाचार टीम शीघ्र ही गॉव की चौपाल कार्यक्रम की शुरआत करने वाला है। गॉव की सरकार के विकास कार्य ग्रामीणो की जुबानी हमारे पाठको को  हम दिखाएंगे।