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Harda News: पशुधन संजीवनी बनी वरदान, 1929 पशुओं को मिला उपचार

जिले में संचालित है 4 चलित पशु चिकित्सा इकाई ‘‘पशुधन संजीवनी’’

हरदा : जिले में 4 चलित पशु चिकित्सा इकाई “पशुधन संजीवनी” संचालित हैं। इसके आने से कई बीमार पशुओं का उपचार किया जा रहा है। इस चलित पशु चिकित्सा इकाई से किसानो को गो पालको को सुविधा मिली है। जानकारी देते हुए उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने बताया कि इनमे से 1 चलित पशु चिकित्सा इकाई जिला मुख्यालय पर एवं 3 इकाई विकासखण्ड मुख्यालय हरदा, खिरकिया एवं टिमरनी में संचालित है।

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उन्होने बताया कि पशु पालकों द्वारा टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर लोकेशन मिलते ही टीम उस स्थान के लिये रवाना हो जाती है। गत माह के अंत तक कुल 1929 पशुओं के उपचार के लिये घर पहुॅंच सेवा उपलब्ध करा कर दवाईयां भी निशुल्क प्रदान की गई। उपसंचालक डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक पशु के उपचार, कृत्रिम गर्भाधान इत्यादि के लिये पशु पालकों से 150 रूपये तथा सेक्स सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान करने के लिये 100 रूपये तथा कृत्रिम गर्भाधान शुल्क के रूप में 150 रूपये की राशि ली जाती है।

पशूधन संजीवनी वाहन में 1 डॉक्टर, एक पैरामेडिकल कर्मी, एक ड्रायवर कम अटेंडेंट पूरे समय मौजूद –

पशु संजीवनी वाहनों की पूरी व्यवस्था जीपीएस सिस्टम से जुड़ी है, जिसकी निगरानी सीधे भोपाल से की जाती है। पशूधन संजीवनी वाहन में 1 डॉक्टर, एक पैरामेडिकल कर्मी, एक ड्रायवर कम अटेंडेंट पूरे समय मौजूद रहते हैं। जीपीएस सर्विस होने से कॉल मिलने पर दिए गए पाईंट पर जाकर तत्काल ही पषु का उपचार करना होता है।