jhankar
ब्रेकिंग
हरदा: भाजपा का वैचारिक महाअभियान कल से प्रारंभ: जनसंघ से भाजपा तक की गौरवशाली यात्रा पर आधारित विशेष... खिरकिया में आरोह शिविर कबड्डी खो खो कराते खेल की बारीकियां सीख रहे बच्चे सांड की रस्सी से गला दबाकर हत्या,सरफिरे युवक पर हत्या की आशंका, एक ही गांव में दूसरी बार हुई घटना, क... PM सड़क योजना की सड़कें गड्ढों में तब्दील : ग्रामीणों का सब्र टूटा: मरम्मत नहीं हुई तो होगा जन आंदोल... जनसुनवाई में की शिकायत : वार्ड 14 में नए पोल लगने के बाद भी पुराने बिजली के पोल बने खतरा Handiya news : हंडिया-गांगला सड़क मार्ग स्वीकृत होने पर ग्राम खेड़ा में विधायक डॉ. दोगने का फलों से ... पारिवारिक विवाद में युवक ने रस्सी के फंदे में झूलकर जीवन लीला की समाप्त, पुलिस जांच में जुटी ! पुरुषोत्तम मास में संकट मोचन हनुमान मंदिर में अखंड रामायण आयोजित भीषण गर्मी से मप्र के कई जिलों में जल संकट गहराया, सूखे हैंडपंप-तालाब, लोग बूंद-बूंद को तरसे मध्य प्रदेश में अमृत योजना के 5000 करोड़ के प्रोजेक्ट अधूरे, 15 जिलों में 55% काम ही पूरा

बाबा को हैं ,क्रिकेट खेलने का शौक ,पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री क्रिकेट का बल्ला लेकर चौके – छक्के लगा रहे हैं

 मकड़ाई एक्सप्रेस 24 छतरपुर| अपने दिव्य दरबार में आने वाले भक्तों का पर्चा निकालकर दुख दर्द का हल बताने वाले कथा वाचक और बेबाकी से बयान देकर चर्चा में बने रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने कार्य को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार उनके चर्चा में आने का कारण धर्म – कर्म का कार्य या कोई बेबाक बयान नहीं, बल्कि इन सब चीजों से इतर इस बार वो क्रिकेट का बल्ला हाथ में लेकर चौके – छक्के लगाते नजर आ रहे हैं।

- Install Android App -

बाबा को हैं, क्रिकेट खेलने का शौक

दिनभर लोगों को धार्मिक ज्ञान देने और उनकी समस्याओं का निकारण करने के साथ उन्हें जब भी खुद के लिए समय मिलता है तो वो उस समय को अपने क्रिकेट का शौक पूरा करने में बिताते हैं। बताया जा रहा है कि, वो रोजाना अपने व्यस्तम शेड्यूल में से लगभग 1 घंटे का समय निकालकर क्रिकेट जरूर खेलते हैं। जानकारी तो यहां तक सामने आई है कि, पंडित शास्त्री को क्रिकेट का शौक इतना ज्यादा है कि, कई बार तो वो रात 3 – 4 बजे भी समय निकाल कर क्रिकेट खेलते हैं। यानीजब भी उन्हें समय मिलता है, वो अपने साथी गणों के साथ बैट उठाकर मैदान में उतर जाते हैं। वो जहां कहीं भी कथा करने जाते हैं, वहां आयोजक उनके क्रिकेट खेलने की व्यवस्था भी करनी पड़ती है।