45°C पार तापमान, ग्रामीण इलाकों में हालात सबसे खराब, टैंकरों के भरोसे गांव
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 भोपाल।मध्य प्रदेश में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने जल संकट खड़ा कर दिया है। 19 मई को खजुराहो में 45.4°C और शाजापुर-नौगांव में 44.6°C तापमान दर्ज किया गया। लगातार लू और तेज धूप के कारण प्रदेश के कई जिलों में पानी के पारंपरिक स्तोत्र पूरी तरह सूख गए हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
बुंदेलखंड, बघेलखंड और निमाड़ के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमोह, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर और श्योपुर में भूजल स्तर 800 फीट से नीचे चला गया है। हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। तालाब, कुएं और बावड़ियां सूख चुकी हैं। ग्रामीण महिलाएं और बच्चे 3-4 किमी दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं।
शहरों में भी किल्लत
भोपाल में 43°C तापमान के बीच कई कॉलोनियों में 2-3 दिन में एक बार पानी आ रहा है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी सप्लाई घटा दी गई है। रतलाम और गुना में स्थिति सबसे खराब है, जहां पारा 46°C तक पहुंच गया। लोग सुबह 4 बजे से ही पानी के लिए लाइन में लग रहे हैं।
प्रशासन के इंतजाम नाकाफी
जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में टैंकर से पानी पहुंचाने का दावा किया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि 500 की आबादी पर एक टैंकर 3 दिन में आ रहा है। कई जगह टैंकर माफिया 50 रुपये प्रति केन वसूल रहे हैं। पशुओं के लिए भी पीने का पानी नहीं बचा।
क्या कहता है मौसम विभाग
IMD ने 19 से 24 मई तक लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 16 से 19 मई तक भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे संकट और गहरा सकता है।
सरकार के निर्देश
नगरीय विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों को हैंडपंप सुधार, टैंकरों की संख्या बढ़ाने और अवैध बोरिंग पर रोक के निर्देश दिए हैं। CM हेल्पलाइन पर पानी की शिकायतों को 24 घंटे में निपटाने को कहा गया है।

