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महिला ने घरेलू हिंसा में 21 साल पहले मृत ससुर को आरोपी बनाया,पति ने कहा ”झूठे आरोप”

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 इंदौर| घरेलू हिंसा को लेकर इंदौर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। इंदौर की जिला अदालत में दायर मामले में 28 वर्षीय महिला ने अपने दिवंगत ससुर को आरोपी बनाया है। करीब 21 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम समन जारी होने के बाद महिला के पति ने अदालत से गुजारिश की है कि उसकी पत्नी के दायर मामले को खारिज किया जाए। कथित तौर पर झूठे आरोपों से उसके परिवार को हुई मानसिक पीड़ा के एवज में उसे उचित हर्जाना दिलाया जाए।

बचाव पक्ष की वकील प्रीति मेहना ने बुधवार को कहा कि महिला ने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने उसके पति और सास के साथ ही दिवंगत ससुर के खिलाफ ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005’ के तहत मामला पेश किया है। उन्होंने कहा कि महिला और उसके पति ने वर्ष 2013 में प्रेम विवाह किया था। महिला के ससुर की 2002 में ही मौत हो गई थी।

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जेएमएफसी ने महिला के दायर मुकदमे पर सुनवाई कर दिवंगत ससुर के नाम इस साल 13 फरवरी को समन जारी किया।उनकी “हाजिरी” के लिए 10 अप्रैल की तारीख तय की गई।

 मुवक्किल की ओर से अदालत में नौ मई (मंगलवार) को आवेदन पेश किया, जिसमें महिला के ससुर का मृत्यु प्रमाण पत्र भी नत्थी किया गया। उ महिला ने अदालत को अंधेरे में रखकर न्यायिक प्रक्रिया का कथित तौर पर आपराधिक दुरुपयोग किया है। घरेलू हिंसा के आरोप को लेकर उसका दायर मामला खारिज किया जाना चाहिए। उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।