मकड़ाई समाचार लखनऊ । एक युवा डाक्टर जो कि बहुत ही शांत व्यवहारिक इंसान है वो कैसे आत्महत्याा कर सकता हैं वही डाक्टर की मौत सदेहजनक लग रही है। डा.अमित नायक की मौत ने सहयोगी डॉक्टर को हैरान कर सहयोगी चिकित्सक बोले हमेशा शांत और खुश रहने वाला हमें छोड़ कर चला गया। ड्यूटी पर हमेशा समय से आना उनकी खासियत थी।
राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में जूनियर रेजिडेंट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है जिसकी वजह से अस्पताल प्रशासन को हैरान कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने जारी नोट में कहा कि डॉ अमित बहुत ही सक्रिय रहते थे उनका इस तरह से जाना सबको परेशान कर दिया
शव के पास से मिले इंजेक्शन डॉ अमित नायक की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी है। जिसको लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने विजिट की और कहा कि सक्रिय रहने वाले डॉ का शव घर पर मिला। अमित नायक इंदिरा नगर स्थित मुंशी पुलिया के पास किराये के मकान में रहते थे। उनके शव के पास कई इंजेक्शन भी पड़े मिले हैं। मौत का कारण आत्महत्या बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद होने की संभावना है।
अमित नायक एनेस्थीसिया से एमडी की पढ़ाई कर रहे थे|डॉ अमित नायक संस्थान से एनेस्थीसिया में एमडी कर रहे थे, तथा जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत थे। मौत का पता तब चला जब, गुरुवार को डॉ अमित अपनी इमरजेंसी ड्यूटी करने नहीं पहुंचे थे । साथी डॉक्टर उन्हें देखने के लिए उनके घर पहुंचे। शव के पास कई इंजेक्शन पड़े थे।पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस मौत के कारणों की तलाश कर रही है।
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चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
