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सूर्य को रोज जल चढ़ाने से होते है, अनेक फायदे रोग, शोक, परेशानी होते दूर

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 धर्म अध्यात्म । हिंदू सनातन धर्म के अनुसार सूर्य एक ऐसे देवता है |जो प्रतिदिन हमें दर्शन देते हैं और ऊर्जा का एक अपार भंडार है साथ ही साथ एक नया उजाला लेकर समग्र ब्रह्मांड को प्रकाशित करते हैं।भगवान सूर्य को जो भी लोग जल अर्पित करते हैं उन लोगों के मन में कहीं ना कहीं एक सवाल ही उत्पन्न होता है कि शनिवार को भगवान सूर्य को जल देना चाहिए या नहीं। अगर किसी के भी मन में यह सवाल उठता है तो निश्चित रूप से इसका समाधान भी होना जरूरी है|

शनिवार को भगवान सूर्य को जल देना चाहिए या नहीं

 शनिवार के दिन सूर्य भगवान को जल देना चाहिए या नहीं तो इस प्रश्न का सीधा सा उत्तर यही है कि भगवान सूर्य को किसी भी दिन जल चढ़ाया जा सकता है इसमें कोई किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं होता है तथा इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है।भगवान सूर्य जो प्रतिदिन हमें प्रत्यक्ष दर्शन देते हैं और समस्त सृष्टि को ऊर्जा और प्रकाश देते हैं ऐसे में विधि विधान से यदि हम सूर्य भगवान को जल अर्पित करते हैं तो इसमें दिन समय और तारीख का कोई प्रतिबंध नहीं होता है अर्थात हम रोजाना भगवान सूर्य को जल दे सकते हैं।

सूर्य भगवान को जल देने  के फायदे

सूर्य भगवान कभी किसी को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं करते अर्थात वे अपना प्रकाश ऊर्जा सभी पर बराबर प्रदान करते हैं ।आइए हम भगवान सूर्य को जल चढ़ाने के फायदे के विषय में बताते हैं।

अगर हम प्रतिदिन सूर्य भगवान को जल अर्पित करते हैं तो हमारे नेतृत्व में किसी प्रकार की कोई कमी होती है

जिस समय आप सूर्य को जल अर्पित कर रहे हैं उस जल की गिरती हुई जल की बूंदों को लगातार देखें। आपके नेत्रों में कोई नेत्र दोष है तो धीरे-धीरे ठीक हो जाता है।

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भगवान सूर्य को नियमित जल चढ़ाने से व्यक्ति की नौकरी व्यापार तथा अन्य प्रकार के कार्यों में उन्नति के साथ-साथ मान सम्मान प्राप्त होता है और व्यक्ति जीवन में सुखी रहता है।

भगवान सूर्य को जल चढ़ाने से व्यक्ति का स्वास्थ्य बहुत ही बेहतर रहता है क्योंकि सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा उसके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है अगर व्यक्ति को हृदय रोग या अन्य किसी भी प्रकार का चर्म रोग है तो धीरे धीरे ठीक हो जाता है।

जब सूर्य भगवान को हम प्रतिदिन जल चढ़ाते हैं तो हमारे घर परिवार के सभी लोगों का सहयोग मिलता है एक दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान बढ़ता है। जिससे मान-सम्मान में वृद्धि होती है|भगवान सूर्य को जल चढ़ाने से व्यक्ति के अंदर किसी भी प्रकार की चिंता से मुक्ति मिल जाती है क्योंकि सूर्य से निकलने वाली प्रातः कालीन उर्जा व्यक्ति के संपूर्ण शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है जिससे मन में होने वाली सभी प्रकार की चिंताएं समाप्त हो जाती है।बहुत से लोगों की कुंडली में ग्रह दोष होने की स्थिति में व्यक्ति परेशानी से गुजरता है रात में भयानक सपने देखता है ऐसी स्थिति में यदि व्यक्ति सूर्य भगवान को प्रतिदिन जल अर्पित करता है तो उसकी कुंडली में किसी भी प्रकार के ग्रह दोष समाप्त हो जाते हैं और व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियां भी धीरे-धीरे कम हो जाती है।अगर आपकी कुंडली में शनि ग्रह की ग्रह दशा नीच भाव में है तो प्रतिदिन सूर्य भगवान को जल अर्पित करने से शनि ग्रह की ग्रह दशा कमजोर हो जाती है और सूर्य की वृद्धि होती है जिससे जीवन में परेशानियां दूर हो जाती हैं।

यदि आप भगवान सूर्य को प्रतिदिन जल अर्पित करते हैं, तो इसके लिए आपको नियमों का पालन करना चाहिए. जिससे आपको भगवान सूर्य की अधिक से अधिक कृपा प्राप्त हो और आप सुख से अपना जीवन व्यतीत करें।

भगवान सूर्य को जल चढ़ाने के नियम जानना जरूरी है।

  1. यदि आप भगवान सूर्य को जल चढ़ाते हैं तो सबसे पहला नियम यह है कि उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाने का प्रयास करें।
  2. आपको प्रतिदिन सूर्योदय होने से पहले उठना चाहिए अर्थात सूर्य निकलने से पहले बिस्तर को छोड़ दे।
  3. सूर्य भगवान को जल अर्पित करते समय जल को धीरे धीरे धारा प्रवाह में गिराए।
  4. सूर्य भगवान को जल कुश के आसन पर बैठ कर अर्पित करें तथा अर्पण करने के बाद उठकर सूर्य भगवान को नमन करें और अपने चारों और तीन बार घूम ले।
  5. सूर्य भगवान को जल चढ़ाते समय मंत्र का जाप करना चाहिए। “ओम सूर्याय नम:”
  6. सूर्य भगवान को जल हमेशा स्नान आदि करके ही चढ़ाएं।
  7. सूर्य भगवान हमेशा तांबे के लोटे में शुद्ध जल चढ़ाना चाहिए
  8. जिस पात्र से हम भगवान सूर्य को जल अर्पित कर रहे हैं उस पात्र को हमेशा दोनों हाथ से पकड़ जल चढ़ाएं।
  9. सूर्य भगवान को हमेशा पूरब की ओर मुंह करके जल अर्पित करना चाहिए अगर आपको किसी दिन सूर्य बादलों के कारण ना दिखाई दे तब भी आप पूरब की ओर मुंह करके ही सूर्य को जल दे।
  10. जो जल भगवान सूर्य को अर्पित करने जा रहे हैं उस जल में थोड़े से अक्षत कुमकुम और लाल रंग के फूल अवश्य डाल दे।
  11. हम जो जल भगवान सूर्य को अर्पित कर रहे हैं अर्पित करते समय जल की धारा को हमेशा देखना चाहिए जिससे हमें कई लाभ मिलते हैं।
  12. सूर्य भगवान को जल चढ़ाते समय पैरों में जूते चप्पल नहीं होने चाहिए अर्थात नंगे पैर सूर्य भगवान को जल देना चाहिए
  13. सूर्य भगवान को जो जल चढ़ा रहे हैं वह जल की धारा जब जमीन पर गिर रही हो तो आपके पैरों पर नहीं होनी चाहिए अर्थात वह जल आपके पैरों को न छुए।
  14. सूर्य भगवान ही एक ऐसे महान देवता है जो प्रतिदिन एक नई ऊर्जा के साथ हम लोगों के अंदर संचार करते हैं और सृष्टि का पालन भी करते हैं इस पृष्ठ को जिंदा रखने का कार्य भगवान सूर्य ही करते हैं यदि सूर्य नहीं होगा तो इस सृष्टि का जीवित रहना संभव नहीं है।