बाबा रामदेव के अवतरण दिवस पर भीलटदेव धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब राजस्थान की तर्ज पर बने भव्य मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने पैदल पहुंचकर किए दर्शन
केके यदुवंशी | पत्रकार
सिवनी मालवा। राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव जी के अवतरण दिवस के अवसर पर शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित देव स्थल भीलटदेव में रविवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। बाबा रामदेव का जन्मोत्सव मनाने के लिए हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में बाबा रामदेव के जयकारे गूंजते रहे।
राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव जी के भक्त देशभर में मौजूद हैं। प्रतिवर्ष राजस्थान के रामदेवरा में लाखों श्रद्धालु हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी परंपरा से प्रेरणा लेते हुए सिवनी मालवा के श्रद्धालुओं ने जनसहयोग से देव स्थल भीलटदेव में राजस्थान शैली का भव्य रामदेव मंदिर बनवाया है।
करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह मंदिर जिले में अपनी तरह का अनूठा और आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मंदिर का निर्माण राजस्थान के कारीगरों द्वारा सफेद मार्बल से किया गया है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि बाबा रामदेव भगवान विष्णु के अवतार हैं और सच्चे मन से दर्शन करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
अवतरण दिवस के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के जत्थे पैदल मंदिर पहुंचते नजर आए। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और हाई मास्क लैंपों से सजाया गया था, जिससे पूरा धाम दूधिया रोशनी से जगमगा उठा।
मंदिर निर्माण समिति के सदस्य संजीत अग्रवाल और कांति जैन ने बताया कि यह मंदिर पूर्णतः जनसहयोग से निर्मित हुआ है और अब आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान बना चुका है। वहीं भक्त संजीत अग्रवाल एवं अतुल जिनोदिया ने बताया कि भीलटदेव स्थित बाबा रामदेव मंदिर अब मध्यप्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी पहचान बना रहा है। यहां प्रतिदिन दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

