मकड़ाई समवार दिल्ली। चोर कितना भी शातिर हो कही न कही अपने अपराध का सबूत छोड़ ही देता हैं। जिसको पकड़ कर पुलिस उसे जहन्नुम से भी पकड़ लाती है। ऐसा ही एक मामला शातिर अपराधी का है। जिसने नोंटबंदी के दौरान नौ करोड़ का काला धन को शातिराना तरीको से बैंको में जमा किया और फिर गायब हो गया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गौरव सिंघर को नौ करोड़ रुपये के काला धन मामले गिरफतार किया है।गौरव सिंघल शाहदरा का रहने वाला हंै।इसी लोगो के फर्जी दस्तावेजो से बैंको में 7 खाते खुलवाकर उनमें इन रुपयो को जमा कराया था।इन खातो से नेटबैंकिग व एटीएम कार्ड आदि लेकर अन्य खातांे में ट्रांसफर कर निकाल लिए।इसने सायबर तकनीकि ज्ञान को उपयोग किया।सायबर पुलिस व इनकम टैक्स अधिकारियो को मामला पकड़ आया और उन्होने आर्थिक अपराध शाखा में जानकारी देकर अपराध दर्ज करा कर गौरव की खोजबीन शुरु की। शिकायत के बाद वर्ष 2018 में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि खाते दो अलग-अलग योगेश कुमार और राहुल जैन के नाम से खुलवाए गए थे. सभी खातों में गौरव सिंघल का मोबाइल नंबर दिया गया था.
जांच में यह बात सामने आई कि उन खातों में जमा कराए गए रुपये आरोपी ने बाद में मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से निकाले लिए थे. इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस के डर से आरोपी फरार हो गया. गौरव छुपकर ट्रांस-यमुना, रोहिणी व नोएडा इत्यादि इलाके में रह रहा था.
इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने घर के समीप एक पीजी में रह रहा है।जिसके बाद पुलिस की टीम ने नवीन शाहदरा इलाके से 24 दिसंबर को गौरव को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में पता चला कि आरोपी शुरआत में विश्वास नगर में केबल तार की कंपनी में सुपरवाइजर था. बाद में वह कुछ लोगों के संपर्क में आकर वैट और जीएसटी का फेक बिल बनाने लगा था.।

