jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : रिद्धनाथ घाट पहुंचने से पहले ‘नाली यात्रा’ जरूरी! आंगनबाड़ी के पास कई दिनों से जमा पानी बना... बैलगाड़ी दौड़ मे छोटी हरदा के प्रहलाद पटेल की बैलजोड़ी ने एक ही दिन में दो जिलों में दिखाया जलवा उज्जैन: अभी शाही मस्जिद के पास माहौल शांत है शासकीय हाईस्कूल मोरगढी़ मे हुआ मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान जिला पंचायत वार्ड 9 के सदस्य के लिए आज वोटिंग - 50 केंद्रों पर 25427 मतदाता करेंगे फैसला राशन विक्रेताओं ने सरकार को दी चेतावनी, 1 अक्टूबर से 7 दिवसीय आंदोलन की तैयारी पटवारियों की पदोन्नति में 50 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने की मांग, पटवारी संघ ने सौंपा ज्ञापन नेपाल में बड़ा हादसा - पहाड़ टूटकर काली गंडकी नदी में गिरा हर्षोल्लास के साथ निकाली गई श्री जिनवाणी पाल्की शोभायात्रा श्राद्ध पक्ष में अनूठी पहल: हिंडोलनाथ बाबा की पहाड़ी पर रोपे 101 पौधे

Big Breking News एंबुलेंस नहीं मिली तो बिमार दर्द से कराहती भाभी को हाथ ठेले पर लेकर अस्पताल पहुंचा देवर

बीमारी से तड़प रही भाभी को 28 किलोमीटर की दूरी तय कर देवर भाभी को  ठेलिया पर लेटाकर पैदल जिला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल पहुंचने पर लोगों की भीड़ कारण जानने के लिए उत्सुक हो गई सरकार के द्वारा स्वास्थ्य सेवा का दम भरने की पोल खोलती यह घटना हर एक का हतप्रभ कर रखा है।

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 उप्र.।बहराइच जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई। एक गरीब व्यक्ति जिसके पास इतने पैसे नहीं थे। वह कोई गाड़ी बुक करा ले। उसने बीमारी से तड़प रही अपनी भाभी को ठेलिया पर लेटाकर 28 किलोमीटर की दूरी तय कर बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। देवर के संवेदनशीलता की लोग सराहना करते नजर आए। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की ऐसी तस्वीर सामने आने के बाद हर कोई हैरान रह गया।

- Install Android App -

यूपी के बहराइच जिले के मटेरा क्षेत्र के गांव खुदादाद भारी निवासी सुभाष की भाभी गंभीर बीमारी के कारण काफी दिनों से बीमार चल रही है। रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी जैसे तैसे पूरी रात कटी, सुबह होते ही सुभाष अपनी भाभी को ठेलिया पर लेटाकर 28 किलोमीटर की दूरी तय कर बहराइच मेडिकल कॉलेज पहुंचकर भाभी को भर्ती कराया। जहां पर उसका इलाज चल रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उसने कई बार 102 एंबुलेंस को फोन किया। जब काफी समय तक बार-बार फोन मिलने के बाद नहीं मिला। उसने लोगों से कहा कि उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे। कि वह कोई वाहन बुक करा कर भाभी को मेडिकल कॉलेज लाता। जब उसे कोई उपाय नहीं दिखा तो वह भाभी को ठेलिया पर लेटाकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गया। यह हाल तब है। जब स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। फिर भी आए दिन स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर हैरान कर देने वाली तस्वीर दिख जाती है।