हंडिया : रिद्धनाथ घाट पहुंचने से पहले ‘नाली यात्रा’ जरूरी! आंगनबाड़ी के पास कई दिनों से जमा पानी बना राहगीरों की मुसीबत, जिम्मेदारों की नजर अब भी बेखबर,,,,
धार्मिक नगरी हंडिया में श्री रिद्धनाथ घाट के पहुंच मार्ग का हाल—सड़क पर जमा नाली के पानी के बीच आवाजाही को मजबूर लोग, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
हंडिया। धार्मिक नगरी हंडिया में श्री रिद्धनाथ घाट जाने वाला पहुंच मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का रास्ता बन गया है। आंगनबाड़ी के पास सड़क पर नालियों का पानी कई दिनों से जमा है। हालात ऐसे हैं कि रिद्धनाथ घाट के दर्शन से पहले राहगीरों को ‘नाली दर्शन’ करने पड़ रहे हैं।
सड़क पर जमे पानी के कारण पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण आसपास गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए यह समस्या अब नई नहीं रही, लेकिन समाधान अब तक नजर नहीं आया।
हंडिया के स्थानीय निवासी यतेंद्र तिवारी, रामकिशोर जाट और सचिन तिवारी ने भी इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि श्री रिद्धनाथ घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल के पहुंच मार्ग पर कई दिनों तक नालियों का पानी जमा रहना उचित नहीं है। संबंधित जिम्मेदारों को मौके की स्थिति देखकर पानी की निकासी की व्यवस्था करानी चाहिए, ताकि आम राहगीरों को परेशानी से राहत मिल सके।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब यह स्थिति कई दिनों से सड़क पर दिखाई दे रही है, तो जिम्मेदारों की नजर आखिर इस जलभराव तक क्यों नहीं पहुंच रही? क्या व्यवस्था को भी इस पानी के सूखने का इंतजार है?
श्री रिद्धनाथ घाट हंडिया का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं का भी लगातार आवागमन रहता है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के पहुंच मार्ग पर नालियों का पानी जमा रहना साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
विडंबना देखिए—एक तरफ धार्मिक नगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ घाट तक पहुंचने वाले रास्ते पर नाली का पानी राहगीरों का स्वागत करता नजर आ रहा है। शायद जिम्मेदारों की नजर में यह जलभराव समस्या नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए ‘अतिरिक्त तीर्थ अनुभव’ है!
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते नाली के पानी की निकासी कराकर रास्ते को व्यवस्थित किया जाना चाहिए, ताकि आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो।
अब देखने वाली बात यह है कि श्री रिद्धनाथ घाट के इस पहुंच मार्ग पर जमा पानी पहले सूखता है या जिम्मेदारों की नींद—फिलहाल दोनों का इंतजार है।

