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MP BIG NEWS : ICEM इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ 5 करोड़ का जुर्माना, गांव के पत्रकार ने लगाया था NGT में केस पढ़े पूरी खबर किस जिले का है ये पूरा मामला

भोपाल : बैतूल जिलें की मुलताई तहसील में स्थित ICEM इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ प्राईम संदेश समाचार पत्र के संवाददाता के द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून में केस लगाया गया था, जिसमें मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 महीने चले केस में एनजीटी के द्वारा अग्रिम जुर्माना 5 करोड़ रुपए लगाते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अपना फैसला सुना दिया है । जबकि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साथ अन्य जुर्माना लगना अभी बाकी है । प्राइम टीवी संदेश समाचार पत्र के मुताबिक आप सभी को जानकर हैरानी होगी की इतनी बड़ी ब्लास्टिंग कंपनी क्षेत्र में चल रही थी वहा अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही थी । वही ग्रामीण इस कंपनी को बंद करने के लिए कई बार ज्ञापन देने के साथ शासन प्रशासन के दरवाजे पर जा कर दर दर की ठोकरें खा रहे थे परंतु किसी ने एक न सुनी । मध्यप्रदेश में शासन-प्रशासन किस प्रकार से सोया रहता है या जानबूझकर ऐसे लोगों को संरक्षण देता है जो अवैध तरीके से कार्य कर रहे होते हैं और जिसके बावजूद भी इन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई करने से परहेज करते हुए अपनी वाहवाही लूटते हैं ।

आखिर मुलताई और बैतूल क्षेत्र के किन अधिकारियों नेताओं के संरक्षण में चल रही है कंपनी ? बारूद से ब्लास्ट करते हुए दो प्लेटों को सालों से जोड़ रही कंपनी के पास पूर्ण दस्तावेज नहीं होते हुए भी धड़ल्ले से क्षेत्र में संचालित करते हुए अपना काम कर रही थी जिसकी जानकारी क्या अधिकारियों को नहीं थी ? या इन अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी इन्हें किसी प्रकार का लाभ हो रहा था जो इस कंपनी पर कार्यवाही नहीं की गई ? आखिर क्या कारण है कि इतनी बड़ी मात्रा में ब्लास्ट करने वाली कंपनी यूं ही ग्रामीण क्षेत्र में संचालित होती रही और अधिकारी सोते रहे ? क्या होता है आईकैम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ? मुंबई की यह कंपनी बैतूल जिले की मुलताई तहसील के ग्राम अंभोरी में स्थित है |

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जहां पर क्लैड प्लेट को जोड़ने के लिए खोली गई है यह कंपनी के द्वारा अपने मुंबई स्थित प्लांट से सिर्फ प्लेटो को लाकर हेवी ब्लास्टिंग के द्वारा जोड़कर इन प्लेटो को वापस मुंबई में कारखाने ले जाकर उपकरण तैयार करती है । ग्रामीणों के अनुसार यहां कंपनी कभी-कभी दिन में 3 से 5 बार ब्लास्टिंग करती है और कभी तो इनकी ब्लास्टिंग इतनी तेज होती है कि घरों में भूकंप के झटके कंपन जैसा महसूस होता है इसके साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि यहां कंपनी अत्यधिक मात्रा में बारूद का इस्तेमाल करती है जिससे कई लोगों के घरों में दरारे तक आ गई है और कुछ मिट्टी के मकान तो जमींदोज भी हो चुके हैं ।

क्या कहना है ? अभी तो सिर्फ एनजीटी से 5 करोड़ जुर्माना लगा है । बकी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तय करेगा उसके बाद और जुर्माना लगेगा और लोगों की भलाई के लिए कम्पनी बंद करने के लिए कोर्ट भी जायेंगे । राजमल गुर्जर संवादाता प्राईम संदेश इस कंपनी के खिलाफ बहुत से सबूत मिले हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान हुआ है जिस पर एनजीटी ने फैसला सुनाते हुए अग्रिम पांच करोड़ का जुर्माना लगाया है इसके आगे बाकी PCB तय करेगा ।

रोहित शर्मा एडवोकेट एनजीटी न्यायालय