हरदा / हंडिया : जिला पंचायत सीईओ जनपद CEO पर भारी, सचिव सरपंच कांग्रेस नेता इमरान खान, ग्राम पंचायत हंडिया में गंभीर लापरवाही, अनियमितता, परमानेंट ठेकेदार कभी बना मजदूर कभी ठेकेदार !
हरदा / हंडिया : शासकीय राशि का सदुपयोग होना चाहिए ग्राम पंचायतों में विकास कार्य होना चाहिए लेकिन हरदा जिले की हंडिया ग्राम पंचायत का तो भगवान ही मालिक है। यहां का सिस्टम कब बदलेगा गांव के लोग आज भी चौक चौराहों पर बात करते है। ग्रामीणों द्वारा बड़ी ही उम्मीद और विश्वास के साथ सरपंच को चुना । लेकिन सरपंच लोगो के हाथो की कटपुतली बनकर रह गया। जिसका शोषण खूब हुआ है। और हो भी रहा। यहां पर बैठे सचिव और गांव के ही एक परमानेंट ठेकेदार ने नियमो को ताक में रखकर मनमर्जी से फर्जी बिल वाउचर लगाकर हजारों लाखों रुपए का गोलमाल कर दिया। लेकिन दुर्भाग्य कहे की जनपद पंचायत के सीईओ और जिला पंचायत सीईओ के द्वारा अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है की अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति कितने गंभीर है।
— MAKDAI EXPRESS 24 (@Makdai24) December 12, 2023
शासन की राशि का गोलमाल हो रहा और अधिकारी कुंभकरण की नींद सोए –
जनपद पंचायत हरदा की ग्राम पंचायत हंडिया में भ्रष्टाचार के दल दल में डूबी ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव और ठेकेदार इमरान खान ने मिलकर लाखो का चूना लगा दिया। इस ग्राम पंचायत फर्जी बिल वाउचर लगाकर विभिन्न कार्यों का भुगतान परमानेंट ठेकेदार उर्फ मजदूर इमरान खान को किया है।
पंचायत दर्पण पर प्रदर्शित बिल में जीएसटी की भी चोरी हुई है। जो की सभी को दिखाई दे रही है। लेकिन उसके बाद भी अधिकारियों के द्वारा अनजान बने रहना यह दर्शाता है। की उनकी मिलीभगत से ही यह सारे काम हो रहे है। इसी से अंदाज लगाया जा सकता है। की जब एक ग्राम पंचायत में ये हाल है तो अन्य ग्राम पंचायत में क्या स्थिति होगी।
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अमानत में खयानत यहा रक्षक बने है। भक्षक, केसे होगा विकास –
ग्राम पंचायत सरपंच सचिव के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कार्य करवाए जा रहे। फर्जी बिल वाउचर लगाकर हजारों लाखों रुपए व्यक्ति विशेष सिर्फ एक ठेकेदार को भुगतान किया जा रहा है। जिस ठेकेदार के पास न तो जेसीबी है न ही कही दुकान उसके बाद भी रेत गिट्टी सीमेंट लोहा बिना जीएस्टी के बेचा जा रहा है। ये ठेकेदार मनरेगा में मजदूर भी है। जिस व्यक्ति के विभिन्न बैंक खातों में प्रति माह हजारों लाखों रुपए आ रहा वो गरीब केसे।
यह सब जांच का विषय है। लेकिन देखना होगा कि जिले के मुखिया और जिला पंचायत सीईओ कब जागेंगे।

