भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का सिलसिला तेज होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 सितंबर से ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से कई जिलों में जोरदार बारिश हो सकती है। शनिवार को हल्की वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन इसके बाद इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के लिए भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में मानसून के साथ दो ट्रफ सक्रिय हैं। इनमें से एक निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो रहा है। इसके असर से 14, 15 और 16 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश होने की संभावना है। विभाग ने तीन संभागों के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
प्रदेश में औसत से ज्यादा बरसा पानी
प्रदेश में अब तक 41.8 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो तय कोटे से 11% अधिक है। 30 से ज्यादा जिलों ने सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा कर लिया है। हालांकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र की स्थिति खराब है। इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 में से 5 जिले- खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर और बड़वानी में 27 इंच वर्षा भी नहीं हुई है।
सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले
अब तक भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है. वहीं जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में मानसून के मजबूत सिस्टम एक्टिव रहे, जिससे यहां जोरदार बारिश हुई. मंडला, टीकमगढ़, उमरिया और छतरपुर जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी आठ जिलों- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में भी कोटे से अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

