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खातेगांव : मप्र वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के फील्ड स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

खातेगांव। मप्र वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के फील्ड स्टाफ एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने नमी और सुखत के मानक निर्धारित न होने के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। बुधवार को खातेगांव सहित प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया और सरकार को चेतावनी दी कि समाधान न मिलने पर आंदोलन और उग्र होगा।

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एसोसिएशन के अनुसार, नमी और सुखत के मानक खरीदी सीजन में सबसे बड़ी तकनीकी समस्या बन जाते हैं। फील्ड स्टाफ को अक्सर विवादों और नुकसान का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने बताया कि 14 नवंबर से सरकार को लगातार अवगत कराने के बावजूद इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। धान और गेहूं की खरीदी में हर साल यही समस्या सामने आती है, लेकिन विभाग स्तर पर आज तक कोई स्थायी नीति नहीं बन पाई है। इससे गोदाम प्रभारियों पर भी अनावश्यक दबाव और तनाव बढ़ता है।

खातेगांव शाखा प्रबंधक राहुल पाटीदार ने बताया कि कर्मचारियों ने 25 नवंबर तक समाधान की समय सीमा दी थी। तय समय में निर्णय नहीं होने पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण विरोध के रूप में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ का धैर्य अब जवाब देने लगा है और संघर्ष तेज किया जाएगा। एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रबंधन 5 दिसंबर तक नमी-सुखत के मानक निर्धारित कर स्पष्ट आदेश जारी नहीं करते, तो प्रदेशभर में सभी गोदामों और वेयर हाउसों की चाबियां संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा कर दी जाएँगी। इसके बाद गोदाम खोलने-बंद करने, संचालन, तौल कांटा और नियमित गतिविधियां पूरी तरह रोक दी जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रबंधन की होगी। एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि कर्मचारियों का मकसद खरीदी कार्य में बाधा डालना नहीं, बल्कि अव्यवस्था को खत्म करना है। यदि सरकार बातचीत कर इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकाल लेती है, तो आंदोलन को तुरंत वापस लिया जा सकता है।