पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर जोन में स्थित आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम झालरिया महादेव के दर्शन आज गुरुवार को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। ये साल में सिर्फ एक बार ही खोले जाते हैं। घने जंगलों, ऊंची-ऊंची चट्टानों और वन्यजीवों के बीच बसे इस दिव्य गुफा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। झालरिया महादेव की विशेषता यह है कि यहां स्थित शिवलिंग का प्राकृतिक जलधाराओं से निरंतर अभिषेक होता है। हजारों फीट ऊंची चट्टानों के बीच से गिरती अमृत समान जलधारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देती है।
6 घंटे के लिए ही मिलती है श्रद्धालुओं को परमिशन
मंदिर के आसपास फैली रंग-बिरंगी चट्टानें और हरियाली इस स्थान को और भी मनोहारी बनाती हैं। भक्तों का कहना है कि यहां दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति मिलती है। कोर जोन में स्थित होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सिर्फ बड़ी गाड़ियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई, वह भी सीमित समय यानी मात्र 6 घंटे के लिए थी। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र में वन विभाग का विशेष निगरानी दल तैनात रहा।

