jhankar
ब्रेकिंग
दिल्ली: जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के रिपोर्टर पर हमला हंडिया : गौशाला होने के बावजूद सड़कों पर गौवंश का कब्जा, आखिर किसकी जिम्मेदारी? केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस पर हमला: "छात्रों को बनाया जा रहा राजनीतिक मोहरा" दिल्ली-एनसीआर मे बुधवार की सुबह बदला मौसम, तेज गर्मी और उमस से मिली राहत विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने विधानसभा में उठाए हरदा के जनहित के बड़े मुद्दे मूंग खरीदी, सिंचाई, उद्... खरगोन: 250 छात्राओं ने 9 किमी पैदल मार्च कर की हॉस्टल अधीक्षिका की बहाली की मांग जानिए 22 जुलाई 2026, बुधवार को कैसा रहेगा मप्र का मौसम 4 साल से दर्द में जी रहा आदिवासी किसान: आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नहीं मिला समुचित इलाज, अब जांघ... केंद्रीय विद्यालय हरदा के शिक्षक पर लापरवाही के आरोप, अभिभावकों ने कलेक्टर से की शिकायत जनसुनवाई में फिर पहुंचीं छात्राएं: छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं के साथ अधीक्षिका पर धमकाने का आरोप,...

शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद, निवेशकों के करीब 14 लाख करोड़ रुपए डूबे

मुम्बई। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट रही। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ ही बिकवाली हावी होने से भी बाजार टूटा। मध्यपूर्व में जारी संघर्ष से भी बाजार पर विपरीत प्रभाव पड़ा। अमेरिका और इजरायल और ईरान के बीच युद्ध लंबा चलने की आशंका से भी निवेशक बाजार से दूरी बनाये रखी। इसी कारण दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,836.57 अंक नीचे अकर 72,696.39 पर बंद हुआ जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 601.85 अंकों की गिरावट के साथ ही 22,512.65 पर खिसक गया। अमेरिकी-ईरान युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के कारण तेज की कीमतें बढ़ने की आशंका से भी दुनिया भर के बाजार में गिरावट रही। इसी से घरेलू बाजार पर भी दबाव आया।

- Install Android App -

इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 73,732.58 पर खुलकर एक समय 1974.5 अंक करीब 2.64 फीसदी गिरकर 72,558.44 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी50 22,824.35 पर खुलकर एक समय 643 अंक या 2.75 फीसदी टूटकर 22,471.25 पर आ गया। निफ्टी इंडिया अस्थिरता सूचकांक में 19.11 फीसदी बढ़कर 27.17 पर पहुंच गया है। यह कारोबार के अंत में 17.17 फीसदी की बढ़त के साथ 26.73 पर बंद हुआ। वहीं व्यापक बाजारों में बेंचमार्क सूचकांकों से ज्यादा गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप में जहां 3.90 फीसदी की गिरावट रही। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.94 फीसदी की गिरावट आई।

क्षेत्रवार देखें तो निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और यह सबसे अधिक नुकसान वाला क्षेत्र बन गया। निफ्टी रियल्टी 4.74 फीसदी की गिरावट और निफ्टी मेटल 4.97 फीसदी की गिरावट रही। इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 3.72 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 3.16 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 2.49 फीसदी जबकि निफ्टी आईटी में सबसे कम 0.18 फीसदी की गिरावट रही।