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बड़वानी : एसपी कार्यालय का घेराव कर झूठी एफआईआर खारिज करने की मांग

बड़वानी। जिला मुख्यालय पर आज जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। जॉगर्स पार्क से लेकर एसपी कार्यालय तक निकाली गई विशाल रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और घेराव किया। प्रदर्शन का मुख्य कारण थाना नागलवाड़ी में जयस पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज अपराध क्रमांक 0060/2026 है, जिसे संगठन ने पूरी तरह झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया है।

द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप: जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे और मीडिया प्रभारी विनोद डावर ने आरोप लगाया कि 17 मार्च 2026 को उनके विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर पूरी तरह निराधार है। उनका कहना है कि एक दुर्घटना के मामले में जनहित की आवाज उठाने पर पुलिस ने बदले की भावना से यह द्वेषपूर्ण कार्रवाई की है। जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल ने इसे आदिवासी समाज की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: जयस प्रदेश प्रवक्ता संदीप नरगावे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यह एफआईआर खारिज नहीं की गई, तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ेगा।

पुलिस का पक्ष: मामले में एडिशनल एसपी धीरज बब्बर ने बताया कि बालसमुद पुलिस चौकी में भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में पूर्व में प्रकरण दर्ज किया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि जयस कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है और पूरे घटनाक्रम की वर्तमान में गहन जांच की जा रही है।