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मूंग-उड़द फसल उपार्जन: 25 मई से शुरू होगा पंजीयन, चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 शिवपुरी

भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया 25 मई से शुरू होगी। उप संचालक कृषि गोपेश पाठक ने यह जानकारी दी।

पंजीयन की तारीख और प्रक्रिया

वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) की ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन के समय किसानों को आधार से लिंक बैंक खाता नंबर देना होगा। स्लॉट चयन की प्रक्रिया पहले की तरह ही रहेगी।

25% उत्पादन का ही होगा उपार्जन

भारत सरकार द्वारा तय लक्ष्य के अनुसार किसानों के कुल उत्पादन का केवल 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। यह सीमा सभी पंजीकृत किसानों पर लागू होगी।

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चेहरे से होगा किसान का सत्यापन, OTP मान्य नहीं

इस वर्ष खरीदी केंद्रों पर फसल बेचने से पहले किसान की पहचान आधार-सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल ऐप के जरिए चेहरे के प्रमाणीकरण से की जाएगी। पिछले वर्षों की तरह ओटीपी से सत्यापन की व्यवस्था अब मान्य नहीं होगी।

किसान की जगह अधिकृत व्यक्ति बेच सकेगा फसल

यदि किसान स्वयं खरीदी केंद्र पर उपस्थित नहीं हो पाए, तो वह पंजीयन के समय अधिकतम 3 अधिकृत व्यक्तियों के नाम और आधार नंबर दर्ज करा सकेगा। ये अधिकृत व्यक्ति किसान की फसल बेच सकेंगे। इनका भी चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। भुगतान सीधे पंजीकृत किसान के बैंक खाते में किया जाएगा। एक व्यक्ति अधिकतम तीन किसानों का अधिकृत प्रतिनिधि बन सकता है।

MSP से नीचे भाव आने पर होगा निर्णय

वर्ष 2025-26 में यदि मंडी में मूंग की औसत दरें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे जाती हैं, तो राज्य सरकार भारत सरकार की पीएसएस स्कीम के तहत उपार्जन को लेकर अलग से निर्णय लेगी।