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राजस्थान पेपर लीक मामला : जालोर में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाला शिक्षक गिरफ्तार,₹10,000 का था इनाम

एसओजी की बड़ी कार्रवाई, फोटो मैचिंग तकनीक से हुआ खुलासा

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी की टीम ने जालोर जिले से एक सरकारी शिक्षक मनोहरलाल मांजू को गिरफ्तार किया है।

आरोपी शिक्षक पर दूसरी प्रतियोगी परीक्षा में किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर ‘डमी’ (फर्जी) परीक्षार्थी बनकर बैठने का आरोप है। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी पर पुलिस प्रशासन द्वारा 10,000 रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया था। इस मामले में पुलिस ने आधुनिक फोटो मैचिंग तकनीक का सहारा लिया, जिससे आरोपी की पहचान पुख्ता हो सकी।

सेकंड-ग्रेड भर्ती परीक्षा 2022 से जुड़ा है मामला

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी मनोहरलाल मांजू वर्तमान में रानीवाड़ा ब्लॉक के सेवाड़ा स्थित ‘जगा की ढाणी’ स्कूल में लेवल-1 (REET) के शिक्षक के रूप में कार्यरत था। उसने साल 2022 में आयोजित हुई सेकंड-ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान करौली निवासी एक मूल अभ्यर्थी के स्थान पर खुद परीक्षा दी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर फर्जीवाड़े को अंजाम देने के बाद भी आरोपी पिछले करीब डेढ़ साल से सरकारी स्कूल में बेखौफ होकर अपनी सेवाएं दे रहा था और नियमित वेतन उठा रहा था।

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मूल अभ्यर्थी की पहले ही हो चुकी है गिरफ्तारी

एसओजी इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उस मूल अभ्यर्थी को पहले ही दबोच लिया था, जिसकी जगह मनोहरलाल परीक्षा देने पहुंचा था। मूल अभ्यर्थी से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के बाद ही डमी बने इस सरकारी शिक्षक का नाम सामने आया था।

फर्जीवाड़े के खिलाफ प्रदेश भर में कड़ा रुख

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए एसओजी लगातार ऐसे सरकारी कर्मचारियों और अभ्यर्थियों पर शिकंजा कस रही है, जो अनुचित साधनों या डमी कैंडिडेट के दम पर व्यवस्था में शामिल हुए हैं।

गिरफ्तार शिक्षक से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस काम के लिए कितने पैसों का लेनदेन किया और क्या वह इस तरह के अन्य किसी संगठित नकल गिरोह का हिस्सा भी रहा है।

यदि आप राजस्थान में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट के खिलाफ एसओजी द्वारा की जा रही व्यापक कार्रवाई की तकनीकी प्रक्रियाओं को समझना चाहते हैं, तो आप यह डमी कैंडिडेट्स के खिलाफ एसओजी की कार्रवाई का वीडियो देख सकते हैं, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि जांच एजेंसियां इन आरोपियों तक कैसे पहुंच रही हैं।