नोबेल की दौड़ में फिर चूके ट्रंप
_दूसरी बार नोबेल शांति पुरस्कार से चूकने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सिराक्यूज की रैली में उन्होंने नॉर्वे की कमेटी को जमकर कोसा और पुरस्कार को बदनाम बताया। जानें क्यों ट्रंप ने कहा कि नॉर्वे ने खुद पर ऐसा दाग लगाया जो कभी नहीं मिटेगा।_
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 दिल्ली।इंटरनेट पर एक खबर बहुत चर्चा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर है। अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने से नाराज हो गए। शुक्रवार रात न्यूयॉर्क के सिराक्यूज में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि इस साल का फैसला नॉर्वे के लिए एक अमिट दाग है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को, मेरे प्रतिनिधित्व में, ये पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन नहीं मिला।
किसे मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार… ?
इस साल 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की 85 वर्षीय जज और मानवाधिकार वकील नवी पिल्ले को दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव है, ऐसे में पिल्ले ने युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए न्याय के क्षेत्र में जीवन भर काम किया है। वो पूर्व में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की जज और UN मानवाधिकार प्रमुख रह चुकी हैं।
ट्रंप ने विजेता को बताया अनजान व्यक्ति
ट्रंप ने मंच से कहा, आज पुरस्कार एक ऐसी महिला को दिया गया जिसके बारे में मैंने कभी सुना ही नहीं, किसी ने नहीं सुना। ये एक रहस्यमय व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ये फैसला शर्मनाक और शर्मिंदगी भरा है। ट्रंप ने कमेटी पर आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार अब कुछ कट्टरपंथी, लोकतंत्र विरोधी विचारकों के हाथ में है और ये पुरस्कार अब बदनाम हो चुका है।
8 युद्ध रोकने का दावा
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि मैंने अपने कार्यकाल में 8 युद्धों को रोका है, मुझे तो हर युद्ध के लिए एक-एक नोबेल मिलना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान, उत्तर-दक्षिण कोरिया, जापान-उत्तर कोरिया, चीन-ताइवान जैसे टकरावों को रोकने में भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि हमने 50 मिलियन जानें बचाई हैं। हालांकि इन दावों के कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए।
नॉर्वे को चेतावनी और जवाब में मजाक
ट्रंप ने कहा, हम नॉर्वे को कभी नहीं भूलेंगे। दूसरी तरफ, पुरस्कार विजेता नवी पिल्ले ने भी चुटकी ली। पुरस्कार मिलने के बाद तालियों के बीच उन्होंने कहा था, अगर आप थोड़ा और ताली बजाएंगे तो मैं ये पुरस्कार ट्रंप के साथ शेयर कर सकती हूं। गौरतलब है कि पिछले साल की विजेता वेनेजुएला की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अपना मेडल ट्रंप को दे दिया था।

