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बारिश में सावधानी जरूर बरतें, बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने पर 1912 अथवा चैटवोट 0755-2551222 पर संपर्क करें

हरदा : आंधी-तूफान और बारिश जैसे मौसम में भी बिजलीकर्मी युद्ध स्तर पर काम करने में जुट जाते हैं। इस जोखिम भरे काम के लिए लाइनकर्मी इस बात को ध्यान में रखकर सुरक्षा उपकरणों के साथ ही खम्बे पर चढ़ते हैं। ऐसी स्थिति में विद्युत वितरण कंपनियों ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कंपनी या बिजली कर्मचारियों को दोष देने से बचें तथा बिजली की आपूर्ति बहाल करने किए जा रहे सुधार कार्य में सहयोग करें।

आंधी-तूफान और बारिश में विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध होने की घटना ज्यादा होती है। देर रात बिजली गुल होने के कुछ देर बाद आ जाती है। वैसे तो आधुनिकीकरण की दिशा में काम चल रहे हैं फिर भी बिजली की ओवर हेड लाइन का जाल ऐसा है कि उसे चालू अथवा बंद रखने के लिए लाइनकर्मी की ही जरूरत होती है।

ऐसे मौसम में जब बिजली गुल होती है तो निश्चित ही अंधेरे में खुद की जान जोखिम में डालकर कोई लाइन कर्मचारी खम्बे पर चढ़ा होता है। यह बात उपभोक्ता को अपने जहन में रखना ही होगी। साथ ही बिजलीकर्मी द्वारा उठाए गए कदमों को समझना चाहिए।

बिजली के खम्बों में बिजली प्रवाहित न हो, इसके लिए सफेद रंग के इंसुलेटर खम्बे में लगे होते हैं। यह इंसुलेटर धूप अथवा बिजली प्रवाह के कारण गरम होते हैं, उन पर बारिश में पानी की एक बूंद पड़ते ही वह चटक जाते हैं और बिजली का प्रवाह खम्बे से जमीन पर उतरता है। इस दौरान तत्काल आटोमेटिक प्रणाली क्रियान्वित होकर फीडर बंद हो जाते हैं।

यदि फीडर बंद न हुआ तो जानमाल की हानि होने की संभावना होती है। जब बिजली लाइन में अचानक कोई अवरोध होता है, उस समय बिजली उपकेन्द्र के कर्मचारी समीप के उपकेन्द्र से संपर्क कर उनके यहां बिजली आपूर्ति है या नहीं, इसकी जानकारी लेते हैं। बिजली आपूर्ति सुचारू होने की बात पक्की होने के बाद ही फीडर चालू किया जाता है। यदि फीडर बंद हुआ है तो उसे खराब घोषित किया जाता है।

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फीडर में आई खराबी या फाल्ट को ढूंढना आसान नहीं होता है। आंधी-तूफान, बारिश और अंधेरे की परवाह न करते हुए खोज मुहिम हाथ में ली जाती है, कभी बंद पड़ी बिजली के सभी खम्बों की जांच करना पड़ती है और कभी-कभी गड़बड़ी कुछ खम्बों के बीच ही मिल जाती है। इसलिए उपभोक्ता धैर्य का परिचय देते हुए सुधार कार्य में जुटे अमले का सहयोग अवश्य करें।

बारिश के मौसम में रखें इन बातों का ध्यान

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बारिश के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो कई तरह के व्यवधानों से बचा जा सकता है। घर में एम.सी.बी. स्वीच जरूरी लगाना चाहिए, जिससे घर की बिजली प्रवाह में कोई गड़बड़ी होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है और जानमाल की हानि को टाला जा सकता है। हर घर में अर्थिंग होना चाहिए जिसकी समय-समय पर जांच करना चाहिए। जहां पर बिजली उपकरण रखे हैं वहां पर सीलन नहीं होनी चाहिए। उनकी वायरिंग गीली जगह पर नहीं होना चाहिए। इसे सुरक्षित होना चाहिए।

पशुपालक किसान भाई बारिश के मौसम में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अपने पशुओं को बिजली के खम्बों तथा स्टे वायर से नहीं बांधना चाहिए। आंधी तूफान के कारण कई जगह बिजली के तार टूटकर रास्ते पर आ जाते हैं, ऐसे में टूटे हुए बिजली के तारों को हाथ न लगाएं तत्काल बिजली कंपनी को सूचित करें ।

भैंसों के तबेलों के आसपास बिजली आपूर्ति के लिए खुली वायरिंग न हों, इसका भी ध्यान रखें। बिजली आपूर्ति अवरूद्ध होने पर 15 से 20 मिनिट रूककर ही बिजली कंपनी के काल सेंटर 1912 अथवा 0755-2551222 (वाट्सएप चैट वोट) या उपाय एप पर पर संपर्क करें ।